महान क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर और हरभजन सिंह समकालीन खिलाड़ी रहे हैं, जिन्होंने कई साल तक साथ क्रिकेट खेला। इस दौरान जहां हरभजन ने सचिन को गेंदबाजी के कई गुर सिखाए, वहीं सचिन ने भी भज्जी की बल्लेबाजी निखारने में काफी योगदान दिया। उन्होंने भज्जी को सिखाया कि मौके की नजाकत के हिसाब से किस तरह बल्लेबाजी करना चाहिए। ऐसे ही एक मैच के दौरान सचिन ने संभलकर खेल रहे भज्जी को तकनीक भूल ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करने की सलाह दी थी।

सचिन की इस नसीहत को भज्जी ने भी माना था और तेजी से रन बनाकर उस मैच में भारत को मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया था। किस्सा 2010-2011 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्हीं की धरती पर खेली गई टेस्ट सीरीज के तीसरे मैच का है। भारतीय टीम के शुरुआती क्रम के बल्लेबाजों के आउट होने के बाद हरभजन सिंह क्रीज पर आए। अफ्रीकी टीम की ओर से तब डेल स्टेन और मॉर्न मर्केल जैसे तेज गेंदबाज गेंद फेंक रहे थे। हरभजन संभलकर खेलने की कोशिश में बार-बार उनकी गेंदों पर बीट हो रहे थे। इससे टीम पर दबाव बढ़ रहा था।

यह देख दूसरे छोर पर खड़े सचिन भज्जी के पास गए और बोले- 'देखो, तुम यहां टेक्निकवेक्निक भूल जाओ। जैसे ही लगे कि बॉल तुम्हारी रेंज में है, उस पर जोर से प्रहार करना। टीम को बस रन चाहिए'। इसके बाद भज्जी तकनीक छोड़ अपने अंदाज में खेलने लगे और देखते ही देखते बाजी पलट गई। अब दबाव भारतीय टीम से हटकर दक्षिण अफ्रीकी टीम पर आ चुका था।