नई दिल्ली/क्राइस्टचर्च। न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में मस्जिद में हुए हमले में बांग्लादेश क्रिकेट टीम बाल-बाल बची। टीम यहां शुक्रवार की नमाज के लिए आई थी। उसी दौरान अटैक हुआ। अच्छी बात ये रही कि कोई भी खिलाड़ी हताहत नहीं हुआ, लेकिन ऐहतियात के तौर पर शनिवार से न्यूजीलैंड और बांग्लादेश के बीच शुरू होने वाला तीसरा टेस्ट रद्द कर दिया गया है। लेकिन खेल और खिलाड़ियों पर अटैक का ये पहला मामला नहीं है।

म्यूनिख ओलंपिक खेलों से लेकर क्राइस्टचर्च तक ऐसे हमलों की लंबी फेहरिस्त है। पूरी दुनिया को शांति का संदेश देने वाले खेल और खिलाड़ी खुद ही आतंक का शिकार होते रहे हैं। क्राइस्टचर्च की इस घटना में 49 लोग मारे गए। लेकिन बांग्लादेश क्रिकेट टीम ने दौरा बीच में ही खत्म कर स्वदेश लौटने का फैसला किया।

आईए आपको बताते हैं खेल और खिलाड़ियों पर हमले की कुछ बड़ी घटनाएं -

1972 : म्यूनिख ओलंपिक खेल में इस्राइली दल पर जानलेवा हमला

पूरी दुनिया में उस समय कोहराम मच गया था जब 1972 के म्यूनिख ओलंपिक के दौरान 8 फिलिस्तीनी आतंकियों ने इस्राइली टीम पर हमला किया था। 5 सितंबर को हमले के दौरान इन आतंकियों ने इस्राइल के 11 खिलाड़ियों और कोच को बंधक बना लिया था। 16 घंटे तक चले कोहराम में बाद में इन सभी बंधकों को बेरहमी से मार दिया गया। ये खेल जगत पर पहला सबसे बड़ा हमला था।

1987 : न्यूजीलैंड का श्रीलंकाई दौरा

1987 में न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम जब श्रीलंका के दौरे पर थी, उस समय बड़ी घटना हुई थी। तीन टेस्ट मैचों के दौरे पर आई न्यूजीलैंड की टीम उस समय दौरा छोड़कर स्वदेश लौट गई जब आतंकियों ने कोलंबो में टीम की होटल के पास ही बम विस्फोट किया था। इस दिलदहला देने वाली घटना में टीम के खिलाड़ी तो सुरक्षित रहे थे, लेकिन 113 लोग मारे गए थे। न्यूजीलैंड-श्रीलंका के बीच एक टेस्ट खेला जा चुका था, पर इस घटना के बाद न्यूजीलैंड की टीम दौरा अधूरा छोड़कर ही लौट गई थी।

2002: न्यूजीलैंड का पाकिस्तान दौरा

साल 2002 में न्यूजीलैंड की टीम पाकिस्तान के दौरे पर पहुंची थी। लेकिन टीम की होटल के बाहर आतंकियों ने बम ब्लास्ट किया। इस घटना में 12 लोग मारे गए थे। इससे एक साल पहले भी न्यूजीलैंड की टीम आधे रास्ते से उस समय लौट गई थी जब 11 सितंबर को अमेरिका में आतंकी हमला हुआ था।

2009: पाकिस्तान में श्रीलंकाई टीम पर हमला

एक बार फिर आतंकियों की करतूत से पूरी दुनिया दहल उठी थी जब पाकिस्तान दौरे पर आई श्रीलंकाई क्रिकेट टीम पर आतंकियों ने हमला किया था। दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन के खेल के लिए लंकाई टीम लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम के लिए रवाना हो रही थी। ठीक उसी समय कई आतंकवादियों ने टीम की बस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस घटना में 6 श्रीलंकाई खिलाड़ी घायल हुए थे। लेकिन बस का ड्राइवर अपनी जान पर खेलकर टीम की बस को स्टेडियम के अंदर ले जाने में सफल हुआ। हालांकि बस का ड्राइवर, टीम की सुरक्षा में लगे 6 सुरक्षाकर्मी और दो स्थानीय लोग इस घटना में मारे गए थे। इस घटना के बाद श्रीलंकाई टीम स्टेडियम से ही हेलीकॉप्टर से स्वदेश लौटी थी। उसके बाद से पाकिस्तान में कोई भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच नहीं हो पाया है।

2010 अफ्रीकन नेशंस कप फुटबॉल

साल 2010 में टोगो की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के साथ अनहोनी हुई। अफ्रीकन नेशंस कप फुटबॉल टूर्नामेंट के लिए टोगो की टीम कैबिंडा के अंगोलिया प्रांत से गुजर रही थी। इसी दौरान टीम की बस पर अलगाववादियों ने हमला कर दिया। इस घटना में टीम के असिस्टैंट मैनेजर और मीडिया अधिकारी की मौत हो गई थी। कुछ खिलाड़ी भी घायल हुए थे।