जोहान्सबर्ग। दक्षिण अफ्रीकी कप्तान फॉफ डु प्लेसिस का मानना है कि इससे पहले के वर्ल्ड कप में दक्षिण अफ्रीका का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा क्योंकि टीम बेवजह अतिरिक्त दवाब में खेली।

दक्षिण अफ्रीकी टीम बड़े टूर्नामेंट में खराब प्रदर्शन के लिए जानी जाती है। उन्हें इसी वजह से चोकर्स कहा जाता है। प्लेसिस ने कहा, पहले के वर्ल्ड कप में हमने सुपरमैन बनने की कोशिश की। हमने अपनी काबिलियत से ज्यादा प्रदर्शन करने का प्रयास किया, उस चक्कर में हम जो कर सकते थे वो भी नहीं कर पाए। हमने बेहतर प्रदर्शन करने के लिए खुद पर बहुत ज्यादा दबाव डाल लिया। हमें क्रिकेट का आनंद उठाना चाहिए।

कप्तान प्लेसिस ने कहा कि खिलाड़ियों को हार के डर से उबरना होगा और अपने अनुभव को टीम के साथ साझा करना चाहिए।

उन्होंने कहा, हमने वर्ल्ड कप की तैयारी एक-दो साल पहले ही शुरू कर दी थी, हमारा फोकस मानसिक तैयारी पर था। कप्तान होने के नाते मैं पूर्ववर्ती कप्तानों की तुलना में इस बारे में ज्यादा बात कर रहा हूं। इस क्षेत्र में हमें सुधार की दरकार है, मैं जानता हूं कि दबाव को कैसे सहन किया जाता है। हम चाहते है कि खिलाड़ी खुलकर खेले, यदि वे डर को भुलाकर खेलेंगे तो बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे। हम चाहते हैं कि हर खिलाड़ी अपना शत प्रतिशत प्रदर्शन करे।