मल्टीमीडिया डेस्क। इंग्लैंड को शुक्रवार को क्रिकेट वर्ल्ड कप में श्रीलंका के हाथों अप्रत्याशित रूप से 20 रनों से हार का सामना करना पड़ा। इस हार से इंग्लैंड की सेमीफाइनल की राह थोड़ी कठिन हो गई क्योंकि अब उसे टॉप 4 में शामिल तीन टीमों के खिलाफ मैच खेलना है और उसका इन टीमों के खिलाफ रिकॉर्ड खराब रहा है।

इंग्लैंड इस वक्त 6 मैचों से 8 अंकों के साथ अंक तालिका में तीसरे क्रम पर है। उसे सेमीफाइनल की उम्मीदों को बनाए रखने के लिए शेष बचे तीन मैचों में से एक मैच जीतना होगा। यदि उसे सेमीफाइनल में स्थान पक्का करना है तो कम से कम दो मैच जीतने होंगे। इंग्लैंड की समस्या यह है कि उसे अब ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और भारत से खेलना है।

खिताब के प्रबल दावेदार के रूप में देखे जा रहे इंग्लैंड को इस वर्ल्ड कप में पाकिस्तान और श्रीलंका के हाथों अप्रत्याशित रूप से हार का सामना करना पड़ा है। इन दो अप्रत्याशित हार ने उसके सारे समीकरण गड़बड़ा दिए जबकि पाकिस्तान लगातार 10 हार और श्रीलंका 9 मैचों में से 8 मैच हारकर वर्ल्ड कप में आया था।

इंग्लैंड को अब 25 जून को ऑस्ट्रेलिया से, 30 जून को भारत से और 3 जुलाई को न्यूजीलैंड से खेलना होगा। ऑस्ट्रेलिया 6 मैचों से 10 अंकों के साथ अंक तालिका में टॉप पर है। न्यूजीलैंड (5 मैचों से 9 अंक) और भारत (4 मैचों से 7 अंक) भी टॉप 4 टीमों में शामिल है। इंग्लैंड 1992 वर्ल्ड कप से इन तीनों टीमों को हरा नहीं पाया है। पिछले 27 सालों में वर्ल्ड कप में इंग्लैंड को इन तीनों टीमों से कुल मिलाकर 10 मैचों में हार झेलनी पड़ी हैं।

ऑस्ट्रेलियाई टीम ऐन वर्ल्ड कप के दौरान जबर्दस्त फॉर्म में आ गई है। स्टीव स्मिथ और मिचेल स्टार्क की वापसी से टीम काफी मजबूत हो गई है और उसकी पूरी कोशिश होगी कि इंग्लैंड को अपने खिलाफ जीत हासिल नहीं करने दे। न्यूजीलैंड टीम स्पर्धा में 5 मैचों के बाद अपराजेय बनी हुई और वह भी बगैर कोई मैच हारे नॉकआउट राउंड में पहुंचना चाहेगी। इसी तरह आईसीसी रैंकिंग में दूसरे क्रम की टीम इंडिया भी मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ पूरी ताकत के साथ उतरेगी।