मुंबई। टीम इंडिया जहां विश्व कप में शानदार प्रदर्शन कर रही है वहीं इस खास मौके पर 2011 विश्व कप के हीरो रहे युवराज सिंह ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। मुंबई में एक स्पेशल प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने एक बेहद ही भावुक संदेश में क्रिकेट के साथ अपने सफर का जिक्र करते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया। इस दौरान उनके साथ उनकी पत्नी हैजल और मां शबनम मौजूद थीं।

अपने विदाई संदेश में युवी ने मीडिया को संबोधित करते हुए अपने क्रिकेटिंग करियर में आए हर एक उतार-चढ़ाव और अच्छी बुरी याद का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 25 साल और 17 साल के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मेरे करियर के बाद अब मैंने आगे बढ़ने का फैसला कर लिया है। इस खेल ने मुझे सिखाया है कि कैसे लड़ें, कैसे गिरें, कैसें उठें और फिर कैसे आगे बढ़ें।

युवराज सिंह ने कहा 2011 का विश्वकप जीतना एक सपने की तरह था। उसके बाद मुझे कैंसर हो गया और इस दौरान मेरे फैन्स और परिवार साथ था।

युवी बोले कि मैंने कभी सोचा नहीं था भारत के लिए खेलूंगा लेकिन 2004 में मैंने लाहौर में पहला शतक लगाया और फिर टी20 विश्वकप में 6 गेंदों में 6 छक्के लगाना यादगार रहा। 2014 के टी20 विश्वकप का मैच मेरे लिए सबसे खराब अनुभव था और तब मुछे लगा था कि मेरे क्रिकेटिंग करियर का अंत हो गया है।

युवी ने आगे कहा कि मैंने हमेशा खुद पर भरोसा रखा और यह बात मायने नहीं रखती की दुनिया क्या कहती है। मैंने गांगुली की कप्तानी में करियर शुरू किया और सचिन, सहवाग, वीरू, गौतम जैसे मैच विनर्स के साथ खेला। हालांकि, जब रिटायरमेंट की बात आई तो मैं पिछले साल ही यह फैसला ले चुका था, सोचा जो टी-20 जीते हैं उसके बाद संन्यास लूं लेकिन सबकुछ जैसा सोचो वैसा नहीं होता।

युवी ने अपना आखिरी टेस्ट 2012 और आखिरी इंटरनेशनल टी-20 2017 में खेला था। वहीं उन्होंने मुंबई इंडियंस के लिए आईपीएल का 12वां सत्र खेला था। आईपीएल 2019 में मुंबई की ओर से युवराज को कम ही मौके मिले। इस आईपीएल के दौरान जब युवी प्रैक्टिस के लिए वानखेड़े स्टेडियम पहुंचे थे, तो भावुक हो गए थे। स्टेडियम पहुंचकर युवी की 2011 विश्व कप की यादें ताजा हो गई। तब इसका एक वीडियो भी शेयर किया गया था।