नई दिल्ली। लंबे वक्त से टीम इंडिया से बाहर चल रहे युवराज सिंह वापसी की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। युवी खुद भी मानते हैं कि उनमें अभी कुछ सालों का क्रिकेट और बचा हुआ है। मगर इसके बाद भी वो टीम इंडिया में अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

कैंसर से जंग जीतने के बाद से ही युवराज टीम से अंदर-बाहर चल रहे हैं, मिडिल ऑर्डर में मनीष पांडे और केदार जाधव जैसे बल्लेबाजों से उन्हें चुनौती मिल रही है। मगर तमाम मुश्किलों के बावजूद युवराज सिंह को वापसी की उम्मीद है।

एक इंटरव्यू में युवराज सिंह ने अपने खेल के अलावा रिटाय़रमेंट प्लान के बारे में खुलकर बात की। जहां सहवाग, जहीर खान जैसे साथी खिलाड़ी आज कॉमेंट्री कर रहे हैं, वहीं जब युवराज से रिटायरमेंट के बाद कॉमेंट्री को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि," मैं कॉमेंट्री नहीं करूंगा। युवी ने कहा कि वो कैंसर के मरीजों के लिए काम कर रहे हैं। युवराज ने कहा कि उनका फाउंडेशन YouWeCan पहले से ही कैंसर पीड़ितों के लिए काम कर रहा है। ऐसे में क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद वो इस क्षेत्र में काम करेंगे।"

'मेरे दिमाग में है कोचिंग'

युवी ने कहा कि उन्हें नए खिलाड़ियों के साथ बात करना और उनकी मदद करना अच्छा लगता है। ऐसे में रिटायरमेंट के बाद कोचिंग का प्लान भी उनके दिमाग में है। युवराज ने कहा कि तंगहाली में जी रहे बच्चों को खेल और शिक्षा के क्षेत्र में मदद देंगे। वहीं संन्यास से जुड़े सवाल पर युवराज सिंह ने कहा कि, "वह सिर्फ एक शर्त पर ही संन्यास लेंगे, जब उन्हें लगेगा कि आगे वह आगे क्रिकेट नहीं खेल सकते हैं। लेकिन जब तक खेलते रहेंगे अपना 100 प्रतिशत देंगे।" युवराज ने कहा कि मैंने कभी क्रिकेट इसलिए नहीं खेली थी कि मैं इंटरनैशनल स्तर पर नाम कमाना चाहता था। मैंने क्रिकेट खेली, क्योंकि मैं इस खेल को पसंद करता था।

युवराज सिंह ने कहा कि बीता समय टीम इंडिया से बाहर रहने और यो-यो टैस्ट को लेकर कुछ कठिन जरूर गुजरा, लेकिन मैंने टीम इंडिया में वापसी की उम्मीद नहीं छोड़ी है। मेरी योजना अगले दो-साल साल तक आईपीएल में भी बने रहने की है। युवराज सिंह को इस आईपीएल सीजन में किंग्स इलेवन पंजाब ने बेस प्राइज में खरीदा था।