मैड्रिड। लिवरपूल ने शनिवार को टॉटनहैम हॉटस्पर को 2-0 से हराकर चैंपियंस लीग खिताब पर कब्जा जमाया। लिवरपूल ने 14 साल बाद इस प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट का खिताब हासिल किया। इस टूर्नामेंट के इतिहास में उसका यह छठा खिताब है। मोहम्मद सालाह और डिवॉक ओरिगी के गोलों की मदद से लिवरपूल ने फाइनल में बाजी मारी।

लिवरपूल ने इससे पहले 2005 में यह खिताब हासिल किया था, उस वक्त उसने इंटर मिलान क्लब को शिकस्त दी थी। चैंपियंस लीग खिताब सबसे ज्यादा 13 बार रियल मैड्रिड ने जीता है। इसके बाद एसी मिलान इस ट्रॉफी को 7 बार हासिल कर चुका है।

मोहम्मद सालाह ने दूसरे ही मिनट में गोल करते हुए लिवरपूल को बढ़त दिलाई। उन्होंने पेनल्टी पर गोल दागा। यह इस टूर्नामेंट के इतिहास का दूसरा सबसे तेज गोल है। सबसे तेज गोल का रिकॉर्ड पाउलो माल्दिनी के नाम है जिन्होंने इंटर मिलान की ओर से 2005 में पहले ही मिनट में गोल किया था।

टॉटनहैम की तरफ से मैच में बराबरी पर आने की भरसक कोशिश की गई, लेकिन उनकी टीम की तरफ से कोई खिलाड़ी सफल नहीं हो पाया। डिवॉक ओरिगी ने 87वें मिनट में लिवरपूल टीम की तरफ से दूसरा गोल दागते हुए अपनी टीम का खिताब पर कब्जा पक्का करवा दिया।

टॉटनहैम के खिलाड़ियों का गेंद पर 63 प्रतिशत समय नियंत्रण रहा लेकिन वे उसे गोल में बदलने में नाकाम रहे, दूसरी तरफ लिवरपूल के खिलाड़ियों ने 37 प्रतिशत समय गेंद पर नियंत्रण के बावजूद दो गोल दागते हुए बाजी मार ली।

सालाह की उपलब्धि

मोहम्मद सालाह ने लिवरपूल की जीत में अहम भूमिका निभाई जब उन्होंने दूसरे ही मिनट में टीम को बढ़त दिलाई। सालाह चैंपियंस लीग फाइनल में गोल दागने वाले मिस्त्र के पहले खिलाड़ी बन गए। उनसे पहले मिस्त्र का कोई फुटबॉलर यह कमाल नहीं कर पाया था।