मॉस्को। इंग्लैंड ने फुटबॉल विश्व कप के प्री-क्वार्टर फाइनल में इतिहास रचते हुए कोलंबिया को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराते हुए क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। निर्धारित समय और अतिरिक्त समय के बाद दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थी। इंग्लैंड ने पहली बार फुटबॉल विश्व कप में पेनल्टी शूटआउट में जीत दर्ज की। इससे पहले वह तीन बार पेनल्टी शूटआउट में हार चुका था। अब इंग्लैंड का क्वार्टर फाइनल में स्वीडन से मुकाबला होगा।

पेनल्टी शूटआउट में कोलंबिया के रादामेल फाल्काओ ने पहला गोल दागा। इंग्लैंड के हैरी केन ने इंग्लैंड को 1-1 की बराबरी दिलाई। जुआन कुआड्रेडो ने कोलंबिया को 2-1 की बढ़त दिलाई, लेकिन मार्कस रशफोर्ड ने गोल दागते हुए इंग्लैंड को 2-2 की बराबरी दिलाई। लुईस मुरियल ने कोलंबिया को 3-2 से बढ़त दिलाई। इसके बाद कोलंबियाई गोलकीपर ने इंग्लैंड के जोर्डन हेंडरसन के प्रयास पर बचाव किया। कोलंबिया 3-2 से आगे था, इसके बाद कोलंबिया के मथायस उरिबे के प्रयास पर गेंद क्रॉसबार से टकराकर लौट गई। इंग्लैंड के किरोन ट्रिपियर ने गोल दागते हुए इंग्लैंड को 3-3 की बराबरी दिलाई। इसके बाद कार्लोस बेका के प्रयास को इंग्लैंड के गोलकीपर जॉर्डन पिकफर्ड ने बचाया। सबसे अंत में इंग्लैंड के एरिक डायर ने गोल दागते हुए इंग्लैंड को 4-3 से जीत दिलाई।

मैच के पहले हाफ में यानी 45 मिनट तक कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी और आधे समय का खेल खत्म होने तक दोनों टीमों का स्कोर 0-0 की बराबरी पर था। दूसरे हाफ का खेल शुरू होने के कुछ ही समय बाद यानी खेल के 57वें मिनट में एक बार फिर से इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने अपनी टीम के गोल कर दिया और इंग्लैंड को 1-0 की बढ़त दिला दी। केन का इस विश्व कप में ये छठा गोल था। 90 मिनट का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने कोलंबिया पर 1-0 की बढ़त बनाई हुई थी। इसके बाद पांच मिनट का इंजुरी टाइम जोड़ा गया जिसमें कोलंबिया के यैरी मीना ने गोल कर अपनी टीम को बराबरी पर ला दिया। यैरी मीना ने ये गोल मैच के 93वें मिनट में किया। इसके बाद अतिरिक्त समय में दोनों टीमों की तरफ से कोई गोल नहीं हो पाया और मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट में चला गया।

इंग्लैंड को पिछले 12 बड़े टूर्नामेंट में से छह में पेनाल्टी की वजह से हार का सामना करना पड़ा जबकि टीम इस दौरान सिर्फ एक बार तब जीत दर्ज करने में सफल रही जब उसने यूरो 1996 में स्पेन को हराया।

इंग्लैंड के कोच साउथगेट 1998 में ग्लेन होडल की अगुआई वाली इंग्लैंड की टीम का हिस्सा थे जिनका मानना था कि शूटआउट लॉटरी की तरह होते हैं जिन्हें अभ्यास में दोहराना नामुमकिन होता है और इसलिए इसका अभ्यास करने की जरूरत नहीं।

हालांकि साउथगेट ने अब पेनाल्टी शूटआउट को अभ्यास का हिस्सा बना दिया है और उनके खिलाड़ी मार्च से इसका अभ्यास कर रहे हैं। इंग्लैंड के गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड ने 30 पेनाल्टी में से पांच बचाई हैं।

उनके साथी गोलकीपर जैक बटलैंड ने 25 में से चार जबकि निक पोपे ने 13 में से तीन पेनाल्टी किक बचाई हैं। हालांकि इंग्लैंड की टीम कोलंबिया के गोलकीपर ओस्पीना के रिकॉर्ड से खुश होगी जो अपने 38 प्रयासों में सिर्फ तीन पेनाल्टी रोक पाए हैं।

उन्होंने दो साल पहले मिगुएल ट्रोको के प्रयास को अपने पैर से रोककर कोलंबिया को पेरू के खिलाफ कोपा अमेरिका में जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।

पनामा के खिलाफ इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने पेनाल्टी पर दो गोल किए थे। यानी कोलंबिया के खिलाफ मुकाबला अगर पेनाल्टी शूटआउट में गया तो वह पांच प्रयास में से एक को लेने आएंगे।

इसके अलावा मार्कस रशफोर्ड और डेले अली को मौका मिल सकता है जबकि जेमी वार्डी भी एक विकल्प होंगे। केन ने इस विश्व कप में अब तक सबसे ज्यादा गोल किए हैं।