सेंट पीटर्सबर्ग। फ्रांस के स्टार खिलाड़ी पॉल पोग्बा ने फुटबॉल विश्व कप सेमीफाइनल में बेल्जियम के खिलाफ 1-0 से मिली जीत को थाई गुफा से सुरक्षित निकले 12 युवा फुटबॉलरों को समर्पित की। ये बच्चे 18 दिन गुफा में फंसे रहने के बाद सोमवार को बड़ी मुश्किल से बाहर निकले।

इस जीत के बाद पोग्बा ने 12 से 16 साल के 12 बच्चों को अपनी टीम की जीत समर्पित की। पोग्बा ने ट्वीट किया, हमारी जीत उन बहादुर बच्चों के नाम, शानदार बच्चों आप लोग बहुत मजबूत हो।

फ्रांस ने तीसरी बार फाइनल में प्रवेश किया। अब उसका मुकाबला इंग्लैंड और क्रोएशिया की विजेता से होगा।पोग्बा के अलावा फीफा ने भी इन बच्चों को वर्ल्डकप का फाइनल देखने के लिए आमंत्रित किया था, इसके अलावा इंग्लैंड और दुनिया के सबसे लोकप्रिय फुटबॉल क्लब ने भी इन बच्चों को क्लब में आने का न्यौता दिया।

दरअसल उत्तरी थाईलैंड में स्थित एक गुफा को अंदर से देखने गए इन 12 बच्चों और इनके कोच को अंदाजा भी नहीं था कि वह किस मुसीबत में फंसने वाले हैं। 23 जून की शाम को फुटबॉल का अभ्यास करने के बाद 12 बच्चे अपने कोच के साथ इस गुफा को देखने जा पहुंचे।

अभ्यास के बाद सभी गुफा के अंदर दाखिल हुए। बाहर आई भारी बारिश के कारण गुफा में बाढ़ आ गई और सब के सब अंदर फंस गए। शाम को एक बच्चे की मां ने बेटे के लापता होने की रिपोर्ट की। स्थानीय अधिकारियों को बच्चों की साइकिलें और जूते गुफा के प्रवेश द्वार पर मिले। इसके बाद थाई सेना ने बच्चों को बाहर निकालने का मिशन शुरू कर दिया। इस मिशन में एक जवान की मौत भी हो गई।