मल्टीमीडिया डेस्क। भारत के कप्तान विराट कोहली भले ही हैदराबाद टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ फिफ्टी भी नहीं बना पाए लेकिन उन्होंने इस दौरान एक खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया था। विराट ने भारत की पहली पारी में सिर्फ 45 रनों का योगदान दिया लेकिन इतने रन उन्हें एशिया का नंबर वन टेस्ट कप्तान बनाने के लिए काफी थे।

विराट अब पाकिस्तान के मिस्बाह उल हक को पीछे छोड़कर टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले एशियाई कप्तान बन गए। इससे पहले यह रिकॉर्ड मिस्बाह के नाम पर था जिन्होंने टेस्ट कप्तान के रूप में 56 मैचों में 51.39 की औसत से 4214 रन बनाए थे। उन्होंने इस दौरान 8 शतक भी जड़े थे। विराट को मिस्बाह का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए मात्र 42 टेस्ट मैच खेलने पड़े। वे अब हैदराबाद टेस्ट में भारत की पहली पारी के बाद कप्तान के रूप में 65.12 की औसत से 4233 रन बना चुके हैं। उन्होंने कप्तान के तौर पर 17 शतकीय पारियां खेली हैं।

इस मामले में श्रीलंका के महेला जयवर्धने तीसरे नंबर पर हैं जिन्होंने 38 टेस्ट की 66 पारियों में 59.11 की औसत से 3665 रन बनाए थे। महेंद्रसिंह धोनी चौथे पायदान पर हैं। धोनी ने 60 मैचों की 96 पारियों में 40.63 की औसत से 3454 रन बनाए थे। पांचवें नंबर पर सुनील गावस्कर हैं जिन्होंने 47 मैचों की 74 पारियों में 50.72 की औसत से 3449 रन बनाए थे।

इस मामले में यदि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बात की जाए तो दक्षिण अफ्रीका के ग्रीम स्मिथ पहले क्रम पर है। स्मिथ ने 109 टेस्ट मैचों में द. अफ्रीका का नेतृत्व करते हुए 47.84 की औसत से 8569 रन बनाए थे। उन्होंने इस दौरान 25 शतक भी जड़े थे।