नई दिल्ली। महेंद्रसिंह धोनी को कैप्टन कूल कहा जाता है। टीम इंडिया हो या चेन्नई सुपर किंग्स, धोनी को यदाकदा ही संयम खोते हुए देखा गया है। विकट ‍परिस्थिति में भी धोनी अपने खिलाड़‍ियों की हौसला-अफजाई करते हुए देखे जाते हैं।

क्रिकेट फैंस उस वक्त चौंक गए थे जब दक्षिण अफ्रीकी दौरे पर टी20 मैच में धोनी को मनीष पांडे पर भड़कते हुए देखा गया था। उस वक्त मनीष एक संभावित रन के प्रति सचेत नहीं थे। अब आईपीएल 2018 में चेन्नई सुपर किंग्स तीसरे खिताब के लिए प्रयास कर रहा है और इस लीग में कैप्टन कूल कई बार संयम खोते हुए नजर आए।

सीएसके को इस सत्र में खराब गेंदबाजी और लचर फील्डिंग के चलते कुछ मैच गंवाने पड़े। परफेक्शनिस्ट धोनी जीत के बावजूद कई मैचों में अपने खिलाड़‍ियों से नाखुश दिखे। राजस्थान रॉयल्स के हाथों मिली हार के दौरान कप्तान अपने गेंदबाजों से बहुत नाराज दिखे क्योंकि वे फील्ड के अनुसार गेंदबाजी नहीं कर रहे थे। उनकी लाइन लेंथ भी ठीक नहीं थी।

रैना ने इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में कहा, धोनी चाहते हैं कि प्लेऑफ से पहले टीम कम से कम गलतियां करे। निलंबन के कारण दो सत्रों तक बाहर रहने की वजह से इस बार उनका लक्ष्य खिताब जीतना है। मैदान पर आमतौर पर संयमित रहने वाले धोनी इस बार इस वजह से गुस्सा हो रहे हैं क्योंकि गेंदबाज समान गलती बार-बार दोहरा रहे हैं। गेंदबाजों को बताया जाता है कि प्लान क्या है और उसे कैसे क्रियान्वित करना है। प्रोफेशनल क्रिेकेटर होने के नाते यह खिलाड़ी को मालूम होना चाहिए।

रैना ने कहा, धोनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई बार बोल चुके हैं कि गेंदबाजों को अपने प्रदर्शन को सुधारना होगा। उन्हें गेंदबाजों से बहुत ज्यादा उम्मीदें हैं। अगला कदम प्लेऑफ होगा और यदि वहां गलती हुई तो आप टूर्नामेंट से बाहर हो जाएंगे। इसी के चलते धोनी चाहते है कि प्लेऑफ के पहले ही खिलाड़ी अपनी खा‍मियों को दूर कर ले।

अभी सिर्फ सनराइजर्स और चेन्नई ने ही प्लेऑफ में जगह पक्की कर ली है।