बेंगलुरु। भारत ने धमाकेदार प्रदर्शन कर शुक्रवार को अफगानिस्तान को ऐतिहासिक टेस्ट मैच में दूसरे ही दिन पारी और 262रनों से हरा दिया। पहली पारी के आधार पर 365 रनों से पिछड़ने के बाद अफगानिस्तान की दूसरी पारी 103 रनों पर ढेर हुई। इससे पहले भारत के पहली पारी के 474 रनों के जवाब में अफगानिस्तान की पहली पारी 109 रनों पर सिमटी थी। अफगानिस्तान के लिए अपने डेब्यू मैच में कई शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हुए। टेस्ट के एक दिन में दो बार ऑल आउट होने वाली अफगानिस्तान तीसरी टीम बनी। यह भारत की टेस्ट क्रिकेट में पारी के अंतर से सबसे बड़ी जीत है। भारत ने टेस्ट क्रिकेट इतिहास में पहली बार कोई मैच दो दिन में जीता। भारत ने एक दिन में पहली बार 20 विकेट लिए।

फॉलोऑन में खेलते हुए अफगानी टीम को शानदार शुरुआत की दरकार थी, लेकिन मोहम्मद शहजाद 13 रन बनाकर उमेश यादव की गेंद पर विकेटकीपर दिनेश कार्तिक को कैच थमा बैठे। इसके बाद यादव ने अपने अगले ओवर में मेहमान टीम को दो झटके दिए। उन्होंने जावेद अहमदी (3) को शिखर धवन के हाथों झिलवाया और फिर अनुभवी मोहम्मद नबी को एलबीडब्ल्यू किया। ईशांत ने रहमत शाह को रहाणे के हाथों झिलवाया। रवींद्र जडेजा ने इसके बाद अगले दो विकेट झटके। उन्होंने असगर स्टेनिकजाई (25) को धवन के हाथों झिलवाया। इसके बाद उन्होंने अफसर जजाई (1) की गिल्लियां बिखेरी। जडेजा ने राशिद खान (12) को बोल्ड किया तो ईशांत ने यामिन अहमदजाई (1) को चलता किया।

इसके पूर्व पहली पारी में अफगानिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही जब मोहम्मद शहजाद 14 रन बनाने के बाद जोखिमभरा रन चुराने में रन आउट हुए। अभी मेहमान टीम इस सदमे से उबरी भी नहीं थी कि ईशांत शर्मा ने जावेद अहमदी (1) के डंडे बिखेर दिए। रहमत शाह (14) को उमेश यादव ने एलबीडब्ल्यू किया तो ईशांत ने अफसर जजाई (6) को बोल्ड कर मेजबान टीम को चौथी सफलता दिलाई। रविचंद्रन अश्विन ने कप्तान असगर स्टेनिकजाई (11) की गिल्लियां उड़ाई और आधी मेहमान टीम पैवेलियन में पहुंच गई। अश्विन ने अहमदजाई को खाता भी नहीं खोलने दिया और वे जडेजा को कैच थमाकर पैवेलियन लौटे। अश्विन ने नबी (24) को ईशांत के हाथों झिलवाते हुए चौथा विकेट हासिल किया। अश्विन ने 27 रनों पर 4 विकेट लिए। जडेजा ने 18 रनों पर 2 और ईशांत ने 28 रनों पर 2 विकेट लिए। भारत ने पहली पारी में 365 रनों की बढ़त हासिल की और अफगानी टीम को फॉलोऑन के लिए मजबूर किया।

भारत ने दूसरे दिन सुबह 347/6 से आगे खेलना शुरू किया। अभी स्कोर 369 तक ही पहुंचा था कि रविचंद्रन अश्विन पैवेलियन लौट गए। वे अहमदजाई की गेंद पर लापरवाही भरा शॉट खेलकर विकेटकीपर जजाई को कैच थमा बैठे। उन्होंने 18 रन बनाए और पांड्‍या के साथ सातवें विकेट के लिए 35 रन जोड़े।

भारत को अगली ही गेंद पर एक और झटका लग सकता था यदि अहमदजाई की गेंद पर विकेटकीपर जजाई ने जडेजा का कैच नहीं छोड़ा होता। इसके बाद पांड्‍या के साथ मिलकर रवींद्र जडेजा ने पारी को संभाला। पांड्‍या ने फिफ्टी पूरी की। जडेजा 20 रन बनाकर नबी के शिकार बने। उन्होंने पांड्‍या के साथ आठवें विकेट के लिए 67 रन जोड़े। अभी भारत इस सदमे से उबरा भी नहीं था कि पांड्‍या ने वफादार की गेंद पर विकेटकीपर जजाई को कैच थमा दिया। उन्होंने 94 गेंदों में 10 चौकों की मदद से 71 रन बनाए। इसके बाद उमेश यादव (26) और ईशांत शर्मा (8) स्कोर को 474 तक ले गए। यामिन अहमदजाई ने 3 और वफादार तथा राशिद खान ने 2-2 विकेट लिए।