नई दिल्ली। साल 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स की सफल मेजबानी के बाद भारत में कोई बड़ा खेल आयोजन नहीं हुआ। इसे देखते हुए भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) ने साल 2032 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी का दावा पेश किया है। आईओए ने इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी (IOC) को पत्र लिखा है और 2032 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने की इच्छा जताई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आईओए ओलंपिक की मेजबानी को लेकर काफी गंभीर है। इसी कारण एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष नरेंद्र बत्रा ने IOC के प्रमुख थॉमस बाक से संपर्क किया है। IOC ने भी भारत की तरफ से की गई पहल का स्वागत किया है।

आपको बता दें कि आईओए 2032 ओलंपिक की मेजबानी के लिए IOC को पत्र लिख चुका है। इसके बाद आईओए के महासचिव राजीव मेहता ने जैक्लीन बार्रेट की अध्यक्षता वाली IOC की तीन सदस्यीय बोली समिति से इस महीने की शुरूआत में मुलाकात की थी

इसके बाद मेहता ने कहा- हम 2032 ओलंपिक की मेजबानी को लेकर काफी गंभीर हैं इसलिए हमने पहले ही IOC को पत्र लिखकर अपनी इच्छा बता दी है। IOC समिति से मेरी मुलाकात भी हो चुकी है और समिति ने भी हमारी इच्छा का सम्मान किया है। इसके साथ ही समिति ने ये भी कहा कि भारत को बहुत पहले ही ओलंपिक की मेजबानी करनी चाहिए थी।

फिलहाल आईओए दिल्ली और मुंबई में ओलंपिक खेल आयोजित करने का मन बना रही है लेकिन बाकी विकल्प भी उन्होंने खोल रखे हैं। ये पहली बार है जब आईओए ने पहली बार ओलंपिक मेजबानी को लेकर अपना दावा ठोका है। ओलंपिक 2032 के लिए बोली प्रक्रिया की शुरूआत 2022 में होगी और साल 2025 में मेजबान शहर की घोषणा की जाएगी।