नई दिल्ली। रनिंदर सिंह अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी महासंघ (आईएसएसएफ) के उपाध्यक्ष चुने जाने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। रनिंदर महासंघ के चार उपाध्यक्षों में से एक होंगे। 51 वर्षीय रनिंदर भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के भी अध्यक्ष हैं। म्यूनिख में आमसभा के दौरान हुए चुनावों में रनिंदर को 161 वोट मिले, जबकि आयरलैंड के केविन किल्टी को 162, अमेरिका के रॉबर्ट मिशेल को 153 और चीन के वांग यिफू को 146 वोट मिले।

पिछले साल रनिंदर को दोबारा चार साल के लिए एनआरएआई का अध्यक्ष चुना गया था। रनिंदर को शुक्रवार को महासंघ की आमसभा में आईएसएसएफ डिप्लोमा ऑफ ऑनर स्वर्ण पदक भी दिया गया। उन्हें आईएसएसएफ के अध्यक्ष ओलेगारियो वाजक्यूज राना ने डिप्लोमा और पदक देकर सम्मानित किया। रनिंदर ने कहा कि मुझे खुद से ज्यादा इसलिए खुशी है कि यह देश के लिए खास सम्मान का एक पल है।

खेल को बढ़ाने में भारत के प्रयासों को व्यापक रूप से पहचाना गया है और यह इस मान्यता का प्रतिबिंब है। उन्होंने आगे कहा कि मैं उन सभी सदस्यों को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने मेरे साथ-साथ मेरे अन्य निर्वाचित सहयोगियों को वोट दिए और मैं उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने का वादा करता हूं। मैं एनआरएआई, भारत सरकार और पूरी निशानेबाजी बिरादरी को भी शुक्रिया अदा करना चाहता हूं जिनके निरंतर समर्थन और शुभकामनाओं के बगैर यह संभव नहीं था।

2014 में म्यूनिख में आयोजित आमसभा में रनिंदर को 25 में से 22 वोट हासिल हुए थे और वह निशानेबाजी की शीर्ष संस्था के सदस्य चुने जाने वाले पहले भारतीय बने थे। रनिंदर ने आइएसएसएफ के नवनियुक्त अध्यक्ष ब्लादिमीर लिसिन को बधाई दी जो आइएसएसएफ के सातवें प्रमुख होंगे।

रूस के लिसिन ने इटली के लुसियानो रोसो को 144 के बदले 148 वोटों से हराया। वहीं एलेक्जेंडर राथेर को महासचिव चुना गया। इसके अलावा रनिंदर ने भारत के ओलंपिक और विश्व चैंपियन निशानेबाज अभिनव बिंद्रा को भी बधाई दी जिन्हें आईएसएसएफ के शीर्ष सम्मान ब्लू क्रॉस से नवाजा गया।