टोक्यो। अपने ऊपर चल रहे जालसाजी के मामले को लेकर ओलिंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के अध्यक्ष शेख अहमद अल-फवाद अल-सबाह ने अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति से अलग होने का फैसला किया है।

उन पर स्विट्जरलैंड में जालसाजी का मामला चल रहा है। शेख अहमद ने पहले ही अस्थायी तौर पर आईओसी के अपने पद से हटने का फैसला किया था और उनसे राष्ट्रीय ओलिंपिक समितियों के संघ (एएनओसी) के अध्यक्ष के लिए फिर से निर्वाचित नहीं होने को कहा गया था।

हालांकि टोक्यो में बैठक के दौरान आखिरी लम्हों में मामला नाटकीय रंग ले बैठा और कई प्रतिनिधियों ने शेख के नाम को आगे कर दिया क्योंकि एएनओसी प्रमुख के चुनाव के लिए वह इकलौते प्रतिभागी थे। कई देशों से आए प्रतिनिधियों ने शेख का बचाव किया जिसके बाद अंत में प्रतिनिधी मंडल ने जब तक शेख के खिलाफ चल रहे कानूनी मामले का समाधान नहीं हो जाता तब तक के लिए चुनाव को टाल दिया।

टोक्यो की तैयारियों से गदगद हुए बाक

आईओसी के प्रमुख थॉमस बाक ने कहा है कि तैयारियों के लिहाज से टोक्यो ओलिंपिक के लिए तैयार सबसे अच्छा मेजबान शहर है। ओलिंपिक समिति की बैठक में 206 प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए बाक ने कहा कि मुझे नहीं याद है कि टोक्यो से बेहतर किसी शहर ने ओलिंपिक की मेजबानी के दो साल पहले इतनी अच्छी तैयारी की हो। 2020 में टोक्यो ओलिंपिक खेलों की मेजबानी करेगा।

मिलान व स्टॉकहोम की पेशकश

टोक्यो। मिलान और स्टॉकहोम ने 2026 में होने वाले शीतकालीन ओलिंपिक गेम्स की मेजबानी की दावेदारी पेश की है। स्विट्जरलैंड के शहर सियोन और ऑस्ट्रिया के शहर ग्राज द्वारा मेजबानी की दावेदारी से हटने की वजह से मिलान और स्टॉकहोम को यह मौका मिला। मेजबानी से पीछे हटे इन दोनों शहरों को अपने देश की राजनीति और जनता के समर्थन नहीं मिलने के कारण यह फैसला लेना पड़ा।