प्योंगचांग। शीतकालीन ओलंपिक में तेज हवा और खराब मौसम की वजह से सोमवार को कई मुकाबले टालने पड़े। प्योंगचांग ओलंपिक के आयोजकों ने महिलाओं के जाएंट स्लोलोम मुकाबले को तेज हवा की वजह से गुरुवार तक के लिए टाल दिया। सियोल से 180 किलोमीटर दूर अल्पाईन सेंटर में सोमवार को सुबह 10.15 पर मुकाबला शुरू होना था लेकिन करीब 70 किलोमीटर प्रतिघंटे की तेज रफ्तार से चल रही बर्फीली हवा ने मुकाबले को शुरू नहीं होने दिया।

उधर अतंरराष्ट्रीय स्काई संघ ने कहा है कि उनके लिए खिलाड़ियों की सुरक्षा ज्यादा जरूरी है। अब ये मुकाबले गुरुवार को सुबह 9.30 और दोपहर 1.15 बजे से शुरू होंगे। सोमवार को जाएंट स्लोगोम मुकाबले में 81 स्कायर भाग लेने वाले थे।

इस दौरान अल्पाईन सेंटर में तेज हवा के साथ -20 डिग्र्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। मालूम हो कि रविवार को भी खराब मौसम की वजह से कई मुकाबले स्थगित कर दिए गए थे। रविवार को दक्षिण कोरिया में भूकंप के भी हल्के झटके महसूस किए गए थे।

जान की बाजी लगाकर जेमी ने जीता सोना-

तेज हवा और खराब मौसम के बावजूद अमेरिका की जेमी एंडरसन ने खतरों से खेलते हुए महिलाओं के स्लोपस्टाईल स्नोबोर्ड प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक हासिल किया। 27 वर्षीय जेमी ने 2014 के शीतकालीन ओलंपिक में भी स्वर्ण पदक जीता था और उस क्रम को उन्होंने प्योंगचांग में बरकरार रखा। उन्होंने 83.00 का स्कोर बनाया। इस वर्ग का रजत पदक कनाडा की लॉरी ब्लोइन ने हासिल किया जबकि कांस्य पर फिनलैंड की इनी रुकजार्वी ने कब्जा जमाया।

वहीं कनाडा को पहला स्वर्ण पदक फिगर स्केटिंग में हासिल हुआ है। आइओसी के झंडे तले खेल रहे रूस को कनाडा ने 73 के मुकाबले 66 अंकों से पीछे छोड़कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। इस वर्ग का कांस्य पदक अमेरिका को मिला जिन्होंने 62 अंक बटोरे। कनाडा की इस जीत में गैब्रियाल डेलमैन और पैट्रिक चान ने अहम भूमिका निभाई।

नोरोवायरस से अब तक 177 ग्रसित-

आयोजकों ने सोमवार को नोरोवायरस के 177 मामलों की पुष्टि की। आयोजन समिति ने रविवार 19 नए मामलों के सामने आने की बात कही जिससे यह आंकड़ा 177 तक पहुंच गया। नए मामलों में तीन सिविल सुरक्षा कर्मचारी शामिल हैं। हालांकि अब तक किसी एथलीट के इस वायरस से संक्रमित होने की बात सामने नहीं आई है।

उधर आयोजकों ने बताया है कि 68 संक्रमित कर्मचारी पूरी तरह से इस वायरस से निजात पाकर काम पर लौट आए हैं। मालूम हो कि नोरोवायरस के गंदे पानी और खराब खाने से फैलने की आशंका जताई गई थी जिसके एहतियातन उपाय भी किए गए थे।

थॉमस बाक करेंगे उत्तर कोरिया का दौरा-

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आइओसी) के मुखिया थॉमस बाक शीतकालीन ओलंपिक के बाद उत्तर कोरिया का दौरा करेंगें। एक त्रिपक्षीय साझा करार के तहत आइओसी और उत्तर कोरिया के साथ दक्षिण कोरिया एक बार फिर एक साथ नजर आ सकते हैं। हालांकि इस मुलाकात की वजह नहीं बताई गई है लेकिन तीनों (आइओसी और दोनों कोरियाई देश) उपयुक्त तारीख पर विचार कर रहे हैं और 25 फरवरी को खत्म हो रहे शीतकालीन ओलंपिक के बाद कभी भी थॉमस बाक उत्तर कोरिया का दौरा कर सकते हैं।

तकनीकी तौर पर अभी युद्ध का सामना कर रहे दोनों कोरियाई देश शीतकालीन ओलंपिक के उद्घाटन समारोह के दौरान एक साथ, एक झंडे तले मार्च पास्ट करते नजर आए थे जिससे इन दोनों देशों के बीच आपसी मतभेद खत्म होने की आशा की जा रही है।

पिछले महीने आइओसी और दोनों कोरियाई देशों के बीच एक त्रिपक्षीय करार हुआ था जिससे उत्तर कोरिया के शीतकालीन ओलंपिक में भागीदारी देखने को मिली। करार का नतीजा ही था कि करीब 12 वर्षों के बाद ओलंपिक में उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया एक साथ दिखाई दिए। उधर दक्षिण कोरिया के पूर्व मंत्री किम संग-हान ने कहा है कि उत्तर कोरिया की ये पहल उसे स्वर्ण पदक का हकदार बनाती है।

मौत के मुंह से निकलने के बाद जीता पदक-

11 महीने पहले अपनी 17 हड्डियां तुड़वाने वाले कनाडा के मार्क मैकमॉरिस ने खेलों के दुनिया में एक अलग मिसाल पेश की। शीतकालीन ओलंपिक में रविवार को मैकमॉरिस ने पुरुषों के स्नोबोर्ड स्लोपस्टाइल में कांस्य पदक जीता।

सोमवार को उस मुकाबले को याद करते हुए मैकमॉरिस ने कहा कि उनका कांस्य पदक एक चमत्कार है और मैं भगवान का शुक्रगुजार हूं। अच्छी रेस के बाद दोबारा पोडियम पर खड़ा होना वाकई में खास है। उधर कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन टूडिउ ने भी मैकमॉरिस की दृढ़ता और साहस की तारीफ की है।

दरअसल पिछले साल मार्च में मैकमॉरिस स्नोबोर्डिंग करते समय एक पेड़ से टकराकर गंभीर रूप से चोटिल हो गए थे जिस दौरान उनकी 17 हड्डियां टूटी थीं। उनकी चोट इतनी गंभीर थी कि वह कोमा में चले गए थे लेकिन अपने दृढ़ विश्वास से उन्होंने पिछले साल नवंबर में विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। मैकमॉरिस 2014 सोच्चि शीतकालीन ओलंपिक के भी कांस्य पदक विजेता रहे हैं।