पेरिस (एजेंसी)। स्पेन के राफेल नडाल ने तीसरी वरीयता प्राप्त स्विट्जरलैंड के रॉजर फेडरर को हराकर फ्रेंच ओपन टेनिस के फाइनल में प्रवेश कर लिया। सेमीफाइनल में दूसरी वरीयता प्राप्त नडाल ने फेडरर को सीधे सेटों में 6-3, 6-4, 6-2 से हराया। ये 26वां मौका है जब नडाल किसी ग्रैंडस्लैम के फाइनल में पहुंचे हैं। अब फाइनल में उनका सामना सर्बिया के नोवाक जोकोविच और ऑस्ट्रिया डोमिनिक थिएम के बीच दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। वहीं महिला एकल में गैर वरीयता प्राप्त चेक गणराज्य की मार्केटा वोंड्रोसोवा ने फाइनल में जगह बनाई है, उन्होंने ब्रिटेन की जोहाना कोंटा को 7-5, 7-6 (2) से हराया।

नडाल और फेडरर 8 साल बाद आमने-सामने थे, लेकिन नडाल इस मुकाबले में पूरी तरह हावी रहे और उन्होंने साबित कर दिया कि उन्हें क्ले का किंग क्यों कहा जाता है। इससे पहले पिछली बार 2011 में नडाल ने फेडरर को हराया था। क्ले कोर्ट पर नडाल की बादशाहत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस टूर्नामेंट में खेले 94 मैचों में सिर्फ दो हारे हैं। वे 11 बार के फ्रेंच ओपन चैंपियन हैं। वहीं फेडरर ने अंतिम बार 2009 में फ्रेंच ओपन खिताब जीता था, तब उन्होंने स्वीडन के रॉबिन सोडरलिंग को हराया था। लेकिन इस बार उनका सफर सेमीफाइनल में आकर थम गया।

नडाल की फेडरर पर 24वीं जीत

नडाल और फेडरर के बीच ये 39वां मुकाबला था। आंकड़े बताते हैं कि फेडरर को नडाल से ही चुनौती मिली। ये नडाल की फेडरर पर 24वीं जीत रही। फेडरर 15 मुकाबलों में जीत हासिल कर पाए हैं। वहीं अगर फ्रेंच ओपन की बात करें तो यहां नडाल ने छठी बार फेडरर को हराया है। 17 ग्रैंडस्लैम खिताब जीत चुके नडाल 11 बार फ्रेंच ओपन, एक बार ऑस्ट्रेलियन ओपन और 2 विम्बल्डन और 3 यूएस ओपन खिताब जीत चुके हैं।

वोंड्रोसोवा फाइनल में

उधर महिला एकल में गैर वरीयता प्राप्त चेक गणराज्य की मार्केटा वोंड्रोसोवा फाइनल में पहुंचीं। सेमीफाइनल में उन्होंने ब्रिटेन की जोहाना कोंटा को संघर्षपूर्ण मुकाबले में 7-5, 7-6 (2) से हराया। खास बात ये रही कि वोंड्रोसोवा ने दोनों सेट शानदार वापसी करते हुए जीते। अब फाइनल में वोंड्रोसोवा का सामना ऑस्ट्रेलिया की एश्ले बार्टी से होगा।

19 वर्षीय वोंड्रोसोवा साल 2007 में एना इवानोविच के बाद फ्रेंच ओपन के फाइनल में पहुंचने वाली सबसे युवा खिलाड़ी बनी हैं। बारिश से बाधित मैच में कोंटा पहले सेट में एक समय 5-3 से आगे थी और उनके पास तीन सेट पॉइंट थे लेकिन उनकी लगातार गलतियों के चलते वोंड्रोसोवा को वापसी का मौका मिल गया। अंततः उन्होंने सेट पर कब्जा जमाया। दूसरे सेट में भी ब्रिटेन की कोंटा 5-3 से आगे थी, लेकिन एक बार फिर वह मैच में वापसी करने में सफल नहीं रहीं। वोंड्रोसोवा ने मैच को टाईब्रेकर में खिंचा और शानदार ड्रॉप शॉट के साथ उन्होंने सेट के साथ ही मैच पर कब्जा कर लिया।

एनिसीमोवा का सफर खत्म

ऑस्ट्रेलिया की बार्टी ने दूसरे सेमीफाइनल में 17 साल की अमांडा एनिसीमोवा के सफर पर विराम लगाया। बार्टी ने यह मैच 6-7 (4), 6-3, 6-3 से जीता। 8वीं वरीय बार्टी 2010 में समांथा स्टॉसर के बाद फ्रेंच ओपन का फाइनल खेलने वाली ऑस्ट्रेलिया की पहली खिलाड़ी होंगी। गत चैंपियन सिमोना हालेप को हराकर उलटफेर करने वाली एनिसीमोवा ने पहले सेट में 5-0 से पिछड़ने के बाद जबर्दस्त वापसी की और सेट टाईब्रेकर में खिंचते हुए अपने नाम किया। दूसरे सेट में भी वह 3-0 की बढ़त पर थीं और लग रहा था कि वह फाइनल में पहुंच जाएंगी, लेकिन बार्टी ने अपनी लय हासिल की और लगातार छह गेम जीतते हुए 6-3 से सेट अपने नाम किया। अगले सेट में एनिसीमोवा ने संघर्ष दिखाया और पांच मैच पॉइंट बचाए, लेकिन छठे पर बार्टी ने जीत हासिल कर मैच अपने कब्जे में किया।