कोलकाता। क्रिकेटरों के फैंस की दुनियाभर में कमी नहीं होती है लेकिन करियर के शुरुआती दिनों में उन्हें मैदान के अंदर और बाहर दोनों जगह संघर्ष करना पड़ता है। भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली भी इससे अछूते नहीं रहे। 'दादा' के नाम से लोकप्रिय सौरव को मैदान के बाहर अपने प्यार के लिए भी बहुत संघर्ष करना पड़ा था। सौरव की लव स्टोरी किसी रोमांटिक फिल्म से कम नहीं है।

कोलकाता के बेहाला में सौरव और डोना पड़ोसी थे। पहले इनके परिवारों के व्यावसायिक संबंध थे लेकिन बाद में किसी कारणवश इनके संबंध बिगड़ गए थे। सौरव और डोना बचपन से ही एक-दूसरे को चाहने लगे थे। डोना ओडिसी की नृत्यांगना है और सौरव के परिजनों को उसकी यह बात बिल्कुल पसंद नहीं थी। परिजनों के विरोध के बावजूद इनका प्यार बढ़ता रहा। सौरव बचपन में परिजनों से झूठ बोलकर स्कूटर से डोना के स्कूल जाया करते थे जबकि डोना भी सौरव को खेलते हुए देखने के लिए मैदान पर जाती थी।

जैसे-जैसे दोनों बड़े होते गए इनका प्यार बढ़ता गया। 1996 में सौरव गांगुली ने इंग्लैंड दौरे पर इंटरनेशनल डेब्यू किया। इस दौरे पर जाने से पहले सौरव ने डोना से शादी के लिए प्रपोज किया था। गांगुली इस दौरे पर स्टार बनकर उभरे थे और उनकी लोकप्रियता में जबर्दस्त इजाफा हुआ था। इंग्लैंड दौरे से लौटने के बाद सौरव और डोना ने परिजनों को बताए बिना 12 अगस्त 1996 में कोर्ट मैरिज कर ली। हैरानी की बात यह थी कि इस मामले को गोपनीय रखने के लिए यह सारी प्रक्रिया गांगुली के एक दोस्त के घर पर हुई थी।

कुछ समय बाद जब दोनों के परिजनों को यह बात पता चली तो हडकंप मच गया। दोनों को समझाने की काफी कोशिश की गई लेकिन जब ये दोनों अड़े रहे तो परिजनों ने हथियार डाल दिए। इसके बाद परिजनों के सामने एक बार फिर इनकी शादी हुई। 21 फरवरी 1997 में परिजनों की उपस्थिति में इनकी दोबारा शादी हुई। 2001 में सौरव और डोना के घर एक नन्ही परी (सना) का जन्म हुआ। सौरव ने क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद कमेंट्री में हाथ आजमाए और फिर बीसीसीआई की सलाहकार समिति में शामिल हुए। वे अब बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में क्रिकेट प्रशासन की फील्ड में उतर चुके हैं। वहीं डोना का डांस के प्रति प्यार आज भी कायम है और उन्होंने इसकी एक एकेडमी भी खोली है।