प्योंगचांग (दक्षिण कोरिया)। शीतकालीन ओलंपिक खेलों को गुरुवार को अपना सबसे उम्रदराज एल्पाइन विजेता मिल गया। नॉर्वे के 35 साल के अकसेल लुंड स्वीनडल एल्पाइन स्कीइंग चैंपियन बने। उन्होंने गुरुवार को डाउनहिल रेस में स्वर्ण पदक हासिल किया, जो डाउनहिल में नॉर्वे की ओर से पहला स्वर्ण पदक है।

अकसेल ने नॉर्वे के ही जेटिल जन्सरूड को मात देकर स्वर्ण पदक जीता। अकसेल जेटिल से सिर्फ 0.12 सेकेंड ही आगे रहे। स्विट्जरलैंड के बीट फ्यूज ने कांस्य पदक अपने नाम किया। अकसेल ने 2010 में वैंकूवर में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद 2014 में वह सोचि में चौथे स्थान पर रहे थे। जनवरी 2016 में उन्हें चोट लग गई थी। इसके बाद वह दिसंबर 2017 में हुए डाउनहिल विश्व कप के चैंपियन बने।

सोचि में स्वर्ण पदक जीतने वाले मैथियस मेयर सातवें नंबर पर रहे। पिछले ओलंपिक खेलों में मेयर ने स्वर्ण पदक जीतकर सबको हैरान कर दिया था, क्योंकि इससे पहले वह सिर्फ एक ही बार शीर्ष पांच में आ पाए थे।

वहीं, महिलाओं में मिकेला शिफरिन ने जायंट सलेलोम में चार में से अपनी पहली स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। उन्हें अपने दूसरे स्वर्ण के लिए इंतजार करना पड़ेगा, क्योंकि मौसम खराब होने की वजह से कुछ स्पर्धाओं को स्थगित कर दिया गया है।


प्रशंसकों ने लहराया रूसी झंडा-

प्योंगचांग ओलंपिक में रूस पर प्रतिबंध के कारण रूसी खिलाड़ी भले ही ओलंपिक ध्वज तले खेल रहे हैं, लेकिन प्रशंसक गर्व के साथ रूस का झंडा लहराते नजर आ रहे हैं। कई प्रशंसकों का कहना है कि प्रतिबंध ने उन्हें अपने देश की नुमाइंदगी के लिए और प्रेरित कर दिया है ।

रूसी खिलाड़ी इन खेलों में अपने ध्वज या राष्ट्रीय प्रतीकों का इस्तेमाल नहीं कर सकते। प्रशंसकों का कहना है कि इस फैसले ने उन्हें और देशभक्त बना दिया है और वे खिलाड़ियों का बताना चाहते हैं कि रूसी प्रशंसक उनके लिए यहां हैं।

तेज हवाओं से ओलंपिक पार्क तहस-नहस, 16 घायल-

तेज हवाओं के कारण यहां बुधवार को शीतकालीन ओलंपिक के मुख्य आयोजन स्थल गेंगनियोंग ओलंपिक पार्क पर सब कुछ तहस-नहस हो गया, जिसमें करीब 16 लोग घायल हो गए। तेज हवाओं से होर्डिंग, टेंट और साजो सामान चारों तरफ बिखर गए। इसमें 13 स्टाफ और तीन दर्शक मामूली घायल हो गए। अधिकारियों ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की।

इसकी वजह से आइस खेलों की चार स्पर्धाओं के आयोजक प्लाजा को दर्शकों के लिए बंद करना पड़ा। खेलों की आयोजन समिति के प्रवक्ता सुंग बाइक यू ने बताया कि करीब 60 टेंट क्षतिग्रस्त हुए और 120 रेलिंग गिर गईं।

17,000 किमी की यात्रा कर पहुंच बेटे की स्पर्धा देखने-

एक साल और 17,000 किमी के बाद एक स्विस जोड़ा शीतकालीन ओलंपिक में अपने बेटे की प्रतिस्पर्धा देखने के लिए इस सप्ताह प्योंगचांग पहुंचा। स्विट्जरलैंड के फ्रीस्टाइल स्कीइर मिस्चा गासेर के पिता और सौतेली मां ने पिछले साल फरवरी में साइकिल से दुनिया भर में घूमने के लिए ओल्टन में अपना घर छोड़ा था। 20 देशों की यात्रा करने के बाद वे मंगलवार को प्योंगचांग पहुंचे।

गासेर के 55 वर्षीय पिता गुइडो हुविलर ने कहा, "यहां पहुंचकर और बेटे को हमारा इंतजार करते देखना हमारे लिए दिल को छू लेने वाला है। इसके लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं।"

लंबी घनी दाड़ी वाले हुविलर और उनकी 57 वर्षीय पत्नी रीटा रुट्टिमान ने कहा कि साइकिलिंग के लिए हर दिन मुश्किल था। सबसे बड़ी चुनौती पामिर हाईवे की यात्रा करना था जहां मध्य एशिया में कई देशों को पार करके 4000 मीटर की ऊंचाई के बाद पहुंचा जा सकता था। हुवियर ने बताया कि उनके 26 वर्षीय बेटे ने ओलंपिक में प्रतिस्पर्धा करने का सपना तब देखा था जब वह चार या पांच साल का था।