मल्‍टीमीडिया डेस्‍क। इंटरनेट और सोशल मीडिया पर आ रहे भ्रामक विज्ञापनों के खतरे से निपटने के लिए भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (एएससीआई) एक मोबाइल ऐप लेकर आ रही है।

एएससीआई के अध्यक्ष नरेंद्र अंबवानी ने बताया, "हमने खास ऐप तैयार किया है। इसे अगले एक माह में जारी किया जाएगा। इस ऐप की बदौलत भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ हमारे पास शिकायत दर्ज कराना आसान होगा।"

वेबसाइटों की बड़ी तादाद और सोशल मीडिया नेटवर्क्स की व्यापकता के कारण विज्ञापनों की निगरानी संस्था खुद इन ऑनलाइन विज्ञापनों पर नजर रखने में सक्षम नहीं है।

सहयोग करें उपभोक्ताः एएससीआई

अंबवानी ने कहा, "प्रिंट, रेडियो और टीवी जैसे अन्य पारंपरिक मीडिया के लिए हमारे पास निगरानी का अपना सिस्टम है। इसकी मदद से हम दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने वाले विज्ञापनों पर नजर रखते हैं और विज्ञापनदाता से इसे हटाने या इसमें बदलाव के लिए कहते हैं। लेकिन, डिजिटल या न्यूज मीडिया के लिए हमें उपभोक्ताओं की ओर से मिलने वाली शिकायतों पर निर्भर रहना पड़ता है।"

हालांकि उपभोक्ता एएससीआई की वेबसाइट पर कोई भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं, लेकिन इस नए ऐप से यह प्रक्रिया ज्यादा प्रभावी होगी क्योंकि अधिक से अधिक लोग उन विज्ञापनों की शिकायत कर पाएंगे जो ईमानदार, शालीन, सुरक्षित और स्पष्ट नहीं हैं।

एजुकेशन सेक्टर की शिकायतें ज्यादा

पिछले साल एएससीआई के पास विभिन्न माध्यमों के लगभग 2000 विज्ञापनों की शिकायत आई थी। इनमें से अधिकतर शिकायतें उन शैक्षणिक संस्थानों या कोचिंग सेंटर के खिलाफ थीं जो 100 फीसदी नौकरी या प्रवेश का वादा करते थे।