सोशल मीडिया मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp का उपयोग कर बल्क मैसेज भेजने वाले लोग अब मुश्किल में पड़ जाएंगे क्योंकि कंपनी ने ऐसे व्यक्तियों और संस्था के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की धमकी दी है। दावा किया गया है कि प्लेटफॉर्म पर स्पैम मैसेजेस भेजने के लिए मार्केटर्स और अन्य संस्थाओं द्वारा टूल का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसके दुनिया भर में अरब से अधिक यूजर्स हैं।

व्हाट्सएप के लिए, भारत एक प्रमुख बाजार है क्योंकि 200 मिलियन से अधिक यूजर्स इस प्लेटफॉर्म पर सक्रिय है। ऑटोमेटेड या बल्क मैसेज भेजने जैसी गतिविधियों में सक्रिया संस्थाओं को 7 दिसंबर से कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी ने अपने FAQs सेक्शन में कहा है कि इसके उत्पाद बल्क या ऑटोमैटेड मैसेज भेजने के लिए नहीं हैं और ये सेवा की शर्तों के विरुद्ध हैं।

FAQs सेक्शन के अनुसार, 'इसके अलावा, 7 दिसंबर, 2019 से व्हाट्सएप उन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा, जो हमारी सेवा की शर्तों में उल्लंघन करता है, जैसे कि ऑटोमैटेड या बल्क मैसेजिंग, या नॉन पर्सनल यूज।

इसके अलावा, व्हाट्सएप ने कहा, 'यह नोटिस के रूप जारी होगा कि हम उन कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे, जिनके लिए हमारे पास केवल दुरुपयोग के सबूत हैं, अगर वह दुरुपयोग 7 दिसंबर, 2019 के बाद भी जारी है।

इससे पहले फरवरी, 2019 में व्हाट्सएप ने एक लेटर जारी किया था जिसमें कहा गया था कि इसका दुरुपयोग का पता एक अकाउंट के लाइफ साइकल के तीन चरणों में चलता है - रजिस्ट्रेशन के दौरान, मैसेजिंग के दौरान और नेगेटिव फीडबैक के जवाब में जो यूजर्स रिपोर्ट और ब्लॉक के रूप में पाता है।