मल्टीमीडिया डेस्क। मोबाइल फोन की कॉल और डाटा की दरें लगातार घट रही हैं। ग्राहकों को जोड़ने के लिए टेलीकॉम कंपनियों लुभावने ऑफर दे रही हैं। इसके बीच टेलिकॉम, मीडिया और डिजिटल सर्विस क्षेत्र में काम करने वाली एक ग्लोबल कंसल्टिंग और रिसर्च फर्म एनालिसिस मैंसन Analysys Mason ने डाटा की कीमतों के और कम होने को लेकर बात कही है।

एक वेबिनार के दौरान ये बात सामने आई कि साल 2020 तक टेलीकॉम कंपनियां ग्राहकों को 50 रुपए में 1 GB 4G डाटा देने लगेंगी। देश के टेलिकॉम ऑपरेटर्स के लिए उपभोक्ताओं को साल 2020 तक 1 जीबी 4G डाटा देना व्यवहारिक रुप से संभव हो सकता है और वो भी बिना किसी डिस्काउंट के। हालांकि यह उन्हीं टेलिकॉम ऑपरेटर्स के लिए संभव होगा जिनके पास वर्ष 2020 तक भारत में 17-18% बाजार हिस्सेदारी होगी। अगर साल 2016 की बात करें तो यह स्तर 228 रुपए प्रति महीने 4G डाटा रहा है।

फर्म का कहना है कि जो भी टेलिकॉम कंपनियां साल 2020 तक 17 से 18 फीसद तक की बाजार हिस्सेदारी रख रही होंगी, वो ही 1GB 4G डाटा 30 से 40 रुपए तक देने में सक्षम होंगी। टेलिकॉम कंसल्टिंग फर्म के अध्ययन में आगे कहा गया है कि अगर देश में 1GB 4G डाटा 50 रुपए तक उपलब्ध होगा तो प्रति उपयोगकर्ता का एलटीई उपयोग हर महीने 6-7 जीबी तक पहुंच जाएगा।

कंसल्टिंग फर्म के अध्ययन में कहा गया कि टेलिकॉम ऑपरेटरों को सब गीगा हर्ट्ज स्पेक्ट्रम समेत स्पेक्ट्रम के एक महत्वपूर्ण अमाउंट की दरकार होगी। यह उन्हें 50 रुपए में प्रति 4जी डाटा के मामले में एक्सटेंसिव कवरेज और ट्रैफिक सपोर्ट प्रदान करने में मदद करेगा।

साथ ही इसमें यह भी कहा गया कि साल 2020 तक इंडियन टेलिकॉम इंडस्ट्री में कुछ ऐसे बड़े टेलिकॉम कंपनियां देखने को मिल सकती हैं। जिन्हें वार्षिक पूंजीगत व्यय के रुप में 65 से 75 बिलियन रुपए और 200 से 250 बिलियन का ओपेक्स अपने पास रखना होगा, ताकि डाटा ग्रोथ को समर्थन दिया जा सके।