मल्टीमीडिया डेस्क। कार के अंदर मोबाइल फोन को डिसेबल करने के लिए फोन में 'ड्राइविंग मोड' का ऑप्शन होना चाहिए। वाहन चलाते वक्त मोबाइल फोन के इस्तेमाल के कारण होने वाली बे-समय मौतों और गंभीर चोटों से निपटने के रोड चैरिटी ने इसे तत्काल लागू करने की आवश्यकता जाहिर की है।

चैरिटी ब्रेक आरएसी द्वारा चलाए जा रहे अभियान बी फोन स्मार्ट, दोनों ने ही इंडस्ट्री से मांग की है कि वाहन चालकों को गाड़ी चलाते समय आने वाली कॉल्स, मैसेज और नोटिफिकेशन्स को ब्लॉक करने के लिए 'ऑप्ट आउट' का विकल्प दिया जाना चाहिए।

उनका कहना है कि इस तकनीक की तत्काल जरूरत है, ताकि बे-समय होने वाली मौतों को रोका जा सके। इस समूह ने एंड्रॉइड, माइक्रोसॉफ्ट और जीएसएमए (ग्रुप स्पेशियल मोबाइल एसोसिएशन) को पत्र लिखा है, ताकि सभी नए मोबाइल फोनों में इस तकनीक को लाया जा सके।

यह पत्र ऐसे समय में आया है, जब इस हफ्ते उम्मीद की जा रही है कि ऐपल आईओएस 11 सिस्टम अपडेट को जारी करने जा रहा है। इस अपडेट में 'डू नॉट डिस्टर्ब वाइल ड्राइविंग' मोड होगा। जब कोई व्यक्ति गाड़ी चला रहा होगा, तो यह उसका पता लगा लेगा। यह डिपार्टमेंट ऑफ ट्रांसपोर्ट के प्लान को भी फॉलो करता है, जो जीपीएस टेक्नोलॉजी के जरिये ड्राइवर को टेक्स्ट करने और फोन कॉल करने से रोकता है।

ब्रेक और आरएसी के बी फोन स्मार्ट अभियान ने आईफोन ने नए फीचर की सराहना की है क्योंकि यह ऑटेमेटिकली फोन से होने वाले खतरनाक खलल को रोकता है। ब्रेक डायरेक्टर ऑफ कैंपेन्स, जेसन वेकफोर्ड ने कहा कि गाड़ी चलाते हुए मोबाइल फोन के उपयोग करने का चलन बढ़ता जा रहा है। यह सड़क सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। शोध से पता चलता है कि गाड़ी चलाते हुए फोन का उपयोग करना उतना ही घातक है, जितना शराब पीकर गाड़ी चलाना होता है। इससे दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है।