मल्टीमीडिया डेस्क। भारती एयरटेल ने डिजिटल केवाईसी के लिए आधार पर आधारित वेरिफिकेशन को खत्म कर उसकी जगह नया रास्ता तलाश लिया है। भारती एयरटेल के नए कनेक्शन लेने वाले यूजर्स अब इस वैक्लपिक KYC प्रोसेस का इस्तेमाल कर सकेंगें।

सर्वोच्च न्यायालय के सिंतबर महीने में आधार कार्ड पर आए फैसले के बाद से टेलिकॉम कंपनियों को यह निर्देश दिया गया था कि नए कनेक्शन लेने वाले यूजर्स के लिए आधार जरूरी नहीं है और टेलिकॉम कंपनियां इसका विकल्प तलाश लें।

भारती एयरटेल ने फिलहाल इस वैकल्पिक वेरिफिकेशन प्रोसेस को दिल्ली-एनसीआर, यूपी ईस्ट और वेस्ट सर्किल के यूजर्स के लिए ही शुरू की है। धीरे-धीरे इस सेवा को अन्य सर्किल के लिए शुरू कर दिया जाएगा।

क्या है वैकल्पिक तरीका?

नया कनेक्शन लेने वाले यूजर्स के KYC वेरिफिकेशन के लिए उनके जरूरी दस्तावेजों जैसे फोटो पहचान पत्र और अड्रेस प्रूफ को स्कैन किया जाएगा। इसके साथ ही यूजर्स के लाइव फोटो को क्लिक करके डिजिटली फीड किए जाएंगे।

इस तरह नए तरीके से यूजर्स का डिजिटल वेरिफिकेशन होगा। कंपनी ने यह स्पष्ट किया की इस डिजिटल प्रोसेस को फेज वाइज रोल आउट किया जाएगा। एयरटेल के अलावा वोडाफोन आइडिया भी आधार के अलावा अन्य वैकल्पिक प्रोसेस पर काम कर रही है।

बता दें कि दूरसंचार मंत्रालय ने 26 अक्टूबर को टेलिकॉम कंपनियों को पुराने और नए कस्टमर्स के वेरिफिकेशन प्रोसेस में आधार के इस्तेमाल को बंद करने का निर्देश दिया था। इसके बाद से टेलिकॉम कंपनियां इसके वैकल्पिक तरीकों पर काम कर रही हैं।