नई दिल्ली। फर्जी खबरों और गलत सूचनाओं के खतरे से निपटने के लिए फेसबुक स्थानीय विशेषज्ञता पर ध्यान केंद्रित करेगा। सोशल मीडिया कंपनी की सार्वजनिक नीति विभाग की निदेशक अंखी दास ने मंगलवार को कहा कि प्रवर्तन और तकनीकी उपायों के समन्वय से फर्जी खबरों के प्रसार को रोकने में मदद मिल सकती है।

रायसीना डायलॉग को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "म्यांमार और श्रीलंका में फर्जी खबरों और गलत सूचनाओं से फैली उन्मादी भीड़ की हिसा जैसी घटनाओं से कंपनी ने सबक सीखा है। इन देशों के अनुभवों से सीखने के बाद हमने ऐसे देशों में जहां पर इस तरह की घटनाएं होती हैं वहां पर भरोसा बढ़ाने के तंत्र को मजबूत किया है।"

फर्जी खबरों पर रोक लगाने के संबंध में उठाए गए कदमों के बारे में उन्होंने बताया कि वाट्सएप संदेशों की संख्या को जहां पांच तक सीमित कर दिया गया है वहीं सामग्री और संदेश को भारत में वायरल होने से रोकने के लिए किसी भी वीडियो सामग्री की फास्ट-फॉरवर्ड सुविधा को रोक दिया गया है।

बता दें कि वाट्सएप की फर्जी खबरों के बाद पिछले साल कई जगह पर हिसा की घटनाएं हुई थीं जिसके चलते कंपनी को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।