नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर अब राजनीतिक विज्ञापन उसके लिए जिम्मेदार व्यक्ति के बारे में जानकारी के साथ ही दिया जा सकेगा। फेसबुक ने गुरुवार को कहा कि राजनीतिक विज्ञापनों के साथ उसकी तरफ से एक खंडन दिया जाएगा, जिसमें साफ होगा कि उसके लिए कंपनी जिम्मेदार नहीं है।

कंपनी ने आम चुनाव से पहले राजनीतिक विज्ञापनों में पारदर्शिता लाने के लिए यह कदम उठाया है। फेसबुक के भारत और दक्षिण एशिया के लिए लोक नीति निदेशक शिवनाथ ठुकराल ने कहा, "आज (गुरुवार) से राजनीतिक विज्ञापन "द्वारा प्रकाशित" या "द्वारा भुगतान किया हुआ" दावे के साथ ही आएगा, जिसमें विज्ञापन देने वाले के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इससे लोगों को पता चलेगा कि उस विज्ञापन के लिए कौन जिम्मेदार है।"

फेसबुक जल्द ही लोगों को राजनीतिक विज्ञापनों के बारे में विस्तृत जानकारी देने के लिए एक लाइब्रेरी पेज भी दे रहा है। इसमें उस विज्ञापन की पहुंच कहां तक है, उस पर हुए खर्च और उसे कहां-कहां देखा गया इसकी जानकारी होगी। इसके साथ ही फेसबुक जल्द ही यह व्यवस्था भी करने जा रहा जिससे राजनीतिक विज्ञापन देने वाले के लोकेशन के बारे भी लोगों को जानकारी मिल जाएगी।

सोशल मीडिया कंपनी ने कहा कि नए फीचर और राजनीतिक विज्ञापन नीति का पालन 21 फरवरी से पूरी तरह से लागू होगा। उसके बाद से सत्यापित और संबंधित शर्तों को मानने की घोषणा करने वाले विज्ञापनकर्ता ही उसके प्लेटफॉर्म पर भारत में राजनीतिक विज्ञापन दे सकेंगे।

आम चुनाव से पहले भारत सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों को सख्त चेतावनी दी है कि अगर उनके माध्यम से गलत तरीके से चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जाती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने आइटी नियमों में संशोधन का प्रस्ताव किया है, जिसके जरिए सोशल मीडिया, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग एप को और अधिक जवाबदेह बनाने का प्रावधान किया गया है।