नई दिल्ली। भारत में हर रोज स्मार्टफोन यूजर्स की संख्या बढ़ती जा रही है। इस लिहाज से 2022 तक यह 83 करोड़ के पार पहुंच जाएगी। यह दावा एक रिपोर्ट में किया गया है जो बताती है कि पिछले साल के मुकाबले यह आंकड़ा दोगुना होगा। पिछले साल देश में 40 करोड़ स्मार्टफोन यूजर्स थे।

खबरों के अनुसार हाल ही में आई Cisco की रिपोर्ट के मुताबिक 2022 तक भारत में स्मार्टफोन यूजर्स की संख्या लगभग 82.9 करोड़ हो जाएगी। मतलब यह है कि महज 5 साल के भीतर स्मार्टफोन यूजर्स की संख्या में दोगुने का इजाफा होगा।

प्रतिव्यक्ति डाटा खपत 14GB तक

स्मार्टफोन यूजर्स की संख्या बढ़ने से प्रति व्यक्ति डाटा खपत भी बढ जाएगा। Cisco की इस विजुअल नेटवर्किंग इंडेक्स (वीएनआई) रिपोर्ट के मुताबिक रिपोर्ट के मुताबिक 2022 तक प्रतिव्यक्ति डाटा खपत 14GB तक पहुंच जाएगी जो 2017 में महज 2.4GB थी। डाटा खपत में लगभग 7 गुना इजाफा देखा जा सकता है।

सिस्को के एशिया-पेसिफिक एवं जापान में सर्विस प्रोवाइडर बिजनेस के प्रेसिडेंट संजय कौल ने सोमवार को एक बयान में कहा, "भारत में 2022 तक डाटा खपत पांच गुनी हो जाएगी, जो सोशल मीडिया के उपयोग, वीडियो कंजंप्शन, कम्यूनिकेशंस, और बिजनेस ऐप्लीकेशन के साथ-साथ ट्रेडिशनल वॉयस के लिए स्मार्टफोन्स का प्रभाव साबित करती है।"

स्मार्टफोन पर बढ़ेगा इंटरनेट ट्रैफिक

इस रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि स्मार्टफोन यूजर्स की तादाद बढ़ने की वजह से 2022 तक कुल इंटरनेट का 44 फीसद ट्रैफिक स्मार्टफोन पर होगा जो कि 2017 में केवल 18 फीसद था। इस रिपोर्ट के मुताबिक, 2018 में पर्सनल कम्प्यूटर यानी की पीसी पर इंटरनेट का ट्रैफिक लगभग 41 फीसद है जो कि 2022 तक घटकर 19 फीसद ही रह जाएगा। 1984 में इंटरनेट के आने के बाद से दुनियाभर के आईपी का ट्रैफिक 4.7 जीटाबाइट्स तक पहुंच गया है।

इंटरनेट मुख्य तौर पर हजारों सार्वजनिक और निजी नेटवर्क से बना है। एक जीटाबाइट एक हजार एक्जाबाइट्स यानी 10 लाख टेराबाइट्स या एक खरब गीगाबाइट्स के बराबर होता है। अकेले भारत में ही 2017 में आईपी की 108 पेटाबाइट प्रतिदिन खपत थी और 2022 तक यह खपत 646 पेटाबाइट्स तक पहुंच जाएगी।