ढाका। चक्रवात रोआनू ने बांग्लादेश के दक्षिण तट पर भयंकर तबाही मचाई जिससे कम से कम 24 लोगों की जान चली गई एवं 100 से अधिक घायल हो गए। प्रशासन 5 लाख लोगों को बाहर निकालकर सुरक्षित जगहों पर ले गया।

88 किलोमीटर प्रतिघंटा की तेज हवा के साथ आए इस चक्रवात ने बारीसाल-चटगांव क्षेत्र पर बहुत बुरा असर डाला है और अन्य हिस्से भी प्रभावित हुए हैं। तड़के से ही ज्यादातर स्थानों पर वर्षा हुई और गरज के साथ बौछारें पड़ी। आंधी और तेज हवा भी चली। बीडी न्यूज की खबर के अनुसार चक्रवातीय तूफान के कारण 24 लोग मारे गए। दोपहर बाद यह उष्णकटिबंधीय चक्रवात क्रमिक रूप से ढीला पड़ा।

बांग्लादेश के आपदा प्रबंधन विभाग के महानिदेशक मोहम्मद रियाज अहमद ने कहा कि ऐसा जान पड़ता है कि उत्तरपश्चिम चटगांव पर चक्रवात का सबसे बुरा असर पड़ा। यह 80 किलोमीटर की रफ्तार से तटीय रेखा पहुंचा और केवल इस बंदरगाह शहर में नौ लोगों की मौत हो गई। भोला, नोआखाली, और कोक्स बाजार तटीय जिलों में तीन तीन मौत हो गयीं।

उन्होंने कहा, 'बुनियादी ढांचे और अन्य नुकसान के मायने से चटगांव सबसे अधिक प्रभावित हुआ। चक्रवात ने 40000 घरों एवं व्यावसायिक मकानों को नुकसान पहुंचाया।'

बांग्लादेश के आपदा प्रबंधन मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि अब तक पांच लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया है। अधिकारियों एवं खबरों के अनुसार रोआनू की वजह से तेज आंधी तूफान से सैकड़ों झोपड़ियां नष्ट हो गई। आपदा के स्थलों से जिला प्रशासन ने कहा कि उसे हताहतों की संख्या बढ़ने की खबरें मिल रही है और अकेले ग्रेटर चटगांव में ही सबसे अधिक 10 लोगों की मौत हो गई।