लंदन। ड्यूक ऑफ एडिनबर्ग प्रिंस फिलिप (97) ने अपनी मर्जी से शनिवार को ड्राइविंग लाइसेंस सरेंडर कर दिया। बकिंघम पैलेस ने एक बयान में कहा है कि पिछले महीने उनकी कार के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया है। प्रिंस फिलिप की कार दुर्घटना के बाद काफी विवाद हुआ था और मीडिया में बढ़ती उम्र में वाहन चलाने को लेकर गंभीर चर्चा छिड़ गई थी।

पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि नोरफ्लोक पुलिस इसकी पुष्टि करती है कि सैंड्रिंघम दुर्घटना में शामिल लैंडरोवर के ड्राइवर ने स्वेच्छा से अपना लाइसेंस सरेंडर कर दिया है। हालांकि, महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के पति प्रिंस फिलिप हादसे के बाद एक बार फिर कार चलाते हुए दिखे थे। मगर, उस दौरान उन्होंने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी, जिसकी वजह से पुलिस ने उन्हें चेतावनी दी थी।

बताते चलें कि पिछले महीने कार हादसा दक्षिण-पूर्व इंग्लैंड में महारानी के सैंड्रींघम इस्टेट के पास हुआ था, जहां दोनों ने सर्दी की छुट्टी का अधिकतर समय बिताया। हालांकि, स्थानीय पुलिस ने बताया कि हादसे में एक अन्य कार में पिछली सीट पर बैठा नौ महीने का बच्चा बाल-बाल बच गया। वाहन में बैठी एक महिला का हाथ टूट गया जबकि अन्य के घुटने में चोट लग गई। हादसे की यह खबर ब्रिटेन के कई अखबारों की सुर्खियां बनीं।

फिलिप के इस उम्र में कार चलाने को लेकर देश में बहस छिड़ गई थी। कुछ लोग इतनी अधिक उम्र में कार चलाने को सुरक्षा के लिहाज से सही नहीं मानते। ब्रिटेन में ड्राइविंग की कोई उम्र सीमा नहीं है। मगर, 70 साल का होने पर व्यक्ति का लाइसेंस रद्द हो जाता है। उसे रिन्यू नहीं कराने पर वह गाड़ी नहीं चला सकता।