वॉशिंगटन। रोड आईलैंड रूट पर पहले ही दिन यात्रियों को लेकर निकली एक कार को पुलिसकर्मी ने पकड़ लिया। दरअसल, उसने देखा कि कार में सवारी बैठी हैं, लेकिन बिना ड्राइवर के यह सड़क पर दौड़ी चली जा रही है। कुछ गड़बड़ी की आशंका को भांपते हुए उसने कार को रुकवा दिया। हालांकि, उसे बाद में पता चला कि यह एक सेल्फ ड्राइविंग कार थी।

प्रॉविडेंस पुलिस चीफ ह्यूग क्लेमेंट्स ने कहा कि पुलिसकर्मी ने इस तरह की कार को पहले कभी नहीं देखा था। लिहाजा, उसने विचित्र से दिखने वाले गोल्फ कार से बड़े वाहन को रुकवा लिया। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि हम इस प्रकार की तकनीक को धीरे-धीरे अपनाएं और बिना किसी परेशानी के इसकी बारीकियों को समझें। यह एक कम गति वाला सड़क मार्ग है।

यह घटना राज्य द्वारा वित्त पोषित पायलट शटल सेवा के सार्वजनिक शुभारंभ के कुछ ही घंटे बाद हुई थी। उस वक्त मिशिगन स्थित मे मोबिलिटी द्वारा संचालित बस द्वारा वाहन से यात्रियों को उतार जा रहा था। शटल 12-स्टॉप पर मुफ्त सवारी सुविधा देती है। प्रत्येक वाहन में एक अटैंडेंट सहित छह लोग सवार होते हैं। सेल्फ-ड्राइविंग तकनीक के फेल होने पर अटैंडेंट उसे नियंत्रण में लेते हैं। क्लेमेंट्स ने कहा कि उत्सुक पुलिस अधिकारी ने अटैंडेंट के साथ सौहार्दपूर्ण बातचीत की और उसे कोई टिकट या चेतावनी जारी नहीं की।

मे मोबिलिटी के सह-संस्थापक ने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट आंशिक रूप से यह जानने के लिए है कि कैसे यह वाहन पैदल यात्रियों, मोटर चालकों और पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर सकता है। चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, एलिसिन मालेक ने कहा कि पुलिस अधिकारी अधिकारी उत्सुक था। यह ऐसा कुछ हम देखते हैं और स्वागत करते हैं।

एक साल के पायलट प्रोजेक्ट के दौरान इस सेवा के तहत सवारियां फ्री में सफर कर सकेंगी। रोड आइलैंड के साथ मे मोबिलिटी के अनुबंध को दो और वर्षों के लिए बढ़ाए जाने का विकल्प शामिल है।