वर्सोवा। जर्मनी की महिला कार्यकर्ताओं ने शनिवार को कैथोलिक देश पोलैंड में ड्रोन के जरिये गर्भनिरोधक गोलियां गिराईं। नतीजतन इस अभियान को चलाने वालों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मिशन का मकसद पोलैंड के सख्‍त गर्भपात कानून को उजागर करना था, जिसके चलते देशभर में हर साल 50 हजार से अधिक गर्भपात चोरी छिपे किए जाते हैं।

गौरतलब है कि पोलैंड में यह दवा नहीं उपलब्ध है। जर्मनी के फ्रेंकफर्ट से उड़ान भरने के बाद ड्रोन ओडर नदी को पार करते हुए पौलैंड के सीमाई कस्‍बे स्‍लूबिस पहुंचा, जहां उसने गर्भनिरोधक गोलियों के पैकेट गिराए। पोलैंड की दो महिलाओं ने इस दवा को खाकर इस कानून के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया, जो गर्भवती नहीं थीं।

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इस ड्रोन को नीदरलैंड्स के गैर-लाभकारी संगठन की महिलाओं ने भेजा था, जो दुनियाभर में गर्भनिरोधक गोलियों की आपूर्ति करती है। महिला संगठन फेमिनोटेका ने पूरे अभियान को सफल करार दिया। उन्होंने कहा कि यह मात्र एक सांकेतिक अभियान था। सिर्फ यह बताने के लिए कि महज कुछ किलोमीटर्स के फासले पर ही महिलाओं के प्रजनन से संबंधित दो बिल्कुल अलग कानून मौजूद हैं।

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गौरतलब है कि पोलैंड में 90 फीसद आबादी कैथोलिक है। वहां के गर्भपात कानून के मुताबिक सिर्फ कुछ ही आपात स्थितियों में गर्भपात की अनुमति दी जाती है। रेप के मामलों में 12 हफ्ते के भीतर गर्भपात कराया जा सकता है तो वहीं गर्भ में बच्चे के खराब हो जाने पर या मां की जान को खतरा होने पर यह अवधि 24 हफ्ते तक बढ़ाई जा सकती है।