इस्लामाबाद। करतारपुर कॉरिडोर पर भारत और पाकिस्तान के बीच गुरुवार को बैठक होनी है। मगर, इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने खालिस्तानी गोपाल सिंह चावला से मुलाकात की। वह जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख और आतंकी हाफिज सईद का करीबी है।

गोपाल सिंह पाकिस्तान में रहकर भारत के खिलाफ अभियान चलाता है। बताते चलें कि कुछ दिन पहले गोपाल चावला ने भारत के खिलाफ एक वीडियो शेयर कर खालिस्तानी आतंकियों को समर्थन देने का ऐलान किया था। वह पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का जनरल सेक्रेटरी भी है।

करतारपुर कॉरिडोर की लॉन्चिंग सेरेमनी के दौरान भी कार्यक्रम से इतर गोपाल सिंह ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख कमर बाजवा और नवजोत सिंह सिद्धू से मुलाकात की थी। गौरतलब है कि इस परियोजना पर दोनों देशों द्वारा सहमति जताने के तीन महीने बाद यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पुलवामा हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। गुरुवार को यह बैठक अटारी सीमा पर पहली बार होने वाली है।

भारत, इसमें पाकिस्तान जाने वाले भारतीय तीर्थयात्रियों की बाधा रहित यात्रा की बात रख सकता है। साथ ही पड़ोसी देश से यह भी कह सकता है कि वह तीर्थयात्रियों को खालिस्तानी अलगाववादियों के प्रोपेगेंडा से बचाए।

पिछले साल पाकिस्तान स्थित दो सिख गुरुद्वारों की ओर जाते हुए भारतीय तीर्थयात्रियों को खालिस्तान समर्थक बैनर दिखाए गए थे। इसके अलावा भारतीय राजनयिकों ने इनसे मिलने की कोशिश की, तो उन्हें सच्चा सौदा गुरुद्वारा छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। इसके पूरे घटना के पिछे चावला का हाथ था।

पिंका को दिया गुरुद्वारा साहिब की देख-रेख का जिम्मा

बताते चलें कि पाकिस्तान ने करतारपुर के गुरुद्वारा दरबार साहिब के देख-रेख का जिम्मा खालिस्तानी समर्थक रणजीत सिंह उर्फ पिंका को दिया गया है।

वह 1984 में इंडियन एयरलाइंस की श्रीनगर-दिल्ली फ्लाइट IC 405 को हाईजैक करके लाहौर ले गया था। वह पाकिस्तान से विदेशों में बैठे अन्य खालिस्तान समर्थकों के साथ मिलकर भारत के खिलाफ खालिस्तानी आतंकवाद के एजेंडे को आगे बढ़ाता है।