कोलंबो। पुलिस प्रमुख और सुरक्षा बलों ने दावा किया है कि श्रीलंका में ईस्टर के दिन भीषण आतंकी हमलों से जुड़े सभी गुनहगार मारे जा चुके हैं या गिरफ्तार कर लिए गए हैं। देश अब सुरक्षित है और हालात सामान्य हो रहे हैं। ईस्टर संडे के दिन 21 अप्रैल को तीन चर्चों और तीन होटलों को निशाना बनाकर किए गए आत्मघाती हमलों में 257 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 500 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। मृतकों में 11 भारतीय भी थे।

कार्यवाहक पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) चंदना विक्रमरत्ने ने कहा कि पुलिस अब खुशी के साथ एलान कर सकती है कि हमले से प्रत्यक्ष तौर पर जुड़े सभी दोषी मारे या गिरफ्त में लिए जा चुके हैं। स्थानीय इस्लामिक आतंकी संगठन नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) का पूरा विस्फोटक भी जब्त कर लिया गया है। श्रीलंका की सुरक्षा एजेंसियों ने एनटीजे को ही हमले का जिम्मेदार बताया है।

विक्रमरत्ने ने बताया कि आतंकियों के दो बम विशेषज्ञ भी सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में ढेर हुए हैं। पुलिस प्रमुख ने यह नहीं बताया कि कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक, नौ महिलाओं समेत 73 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उनसे पूछताछ चल रही है। आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने एनटीजे से जुड़ी करोड़ों की संपत्ति भी जब्त की है।

सावधान रहने की जरूरत

इस बीच, श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने और हमलों की आशंका से इनकार नहीं किया है। उन्होंने कहा- हमने हालात सामान्य करने के लिए हरसंभव कदम उठाया है। मगर, हमें ध्यान रखना होगा कि खतरा पूरी तरह टला नहीं है, क्योंकि यह वैश्विक आतंकवाद का मुद्दा है। उन्होंने लोगों से भी सतर्कता और संयम बरतने की अपील की। इससे पहले विक्रमसिंघे ने कहा था कि सभी संकेत इस ओर इशारा करते हैं कि हमलों में इस्लामिक स्टेट (आईएस) की भूमिका थी।

हमले के शिकार चर्च में हुई प्रार्थना

आत्मघाती हमले का शिकार हुए सेंट एंथनी चर्च में मंगलवार को प्रार्थना हुई। कोलंबो के आर्कबिशप कार्डिनल मैल्कम रंजीत के प्रवक्ता फादर एडमंड तिलकरत्ने ने बताया कि कड़ी सुरक्षा के बीच चर्च के एक हिस्से को श्रद्धालुओं के लिए खोला गया था। अभी चर्च के पुनर्निर्माण का काम चल रहा है।

सुप्रीम कोर्ट जाएंगे पूर्व आईजीपी

श्रीलंका के पूर्व पुलिस प्रमुख पुजित जयसुंदरा ने अनिवार्य छुट्टी पर भेजने के राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरिसेना के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है। आत्मघाती हमलों के बाद सुरक्षा व्यवस्था में खामी को लेकर हुई आलोचनाओं के बाद राष्ट्रपति ने रक्षा सचिव हेमासिरि फर्नांडो और आईजीपी जयसुंदरा से इस्तीफा मांग लिया था। फर्नांडो ने यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया था कि वह अपने राजनीतिक आकाओं को बचाने के लिए पद छोड़ रहे हैं। वहीं, जयसुंदरा ने दबाव के बाद भी पद छोड़ने से इनकार कर दिया था।