वर्जीनिया। वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि ऐसी दर्दनिवारक दवाएं बनाई जा सकती है, जिसके साइड इफेक्ट बेहद कम होंगे। वैज्ञानिकों ने शरीर में एक ऐसे एंजाइम की पहचान की है, जिसे लक्ष्य बनाकर न्यूनतम साइड इफेक्ट वाली दर्दनिवारक दवाओं के ईजाद का रास्ता खुल सकता है।

इन दवाओं की सबसे बड़ी खासियत यह भी होगी कि इनका सेवन व्यक्ति को अन्य दर्दनिवारक दवाओं की तरह आदी नहीं बनाएगा। अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जीनिया के शोधकर्ताओं ने बताया कि करोड़ों लोग दर्द से निजात पाने के लिए दर्दनिवारक दवाओं का सेवन करते हैं। इन दवाओं की लत और दुष्प्रभाव के कारण हजारों लोगों की मृत्यु भी हो जाती है। इसलिए वैज्ञानिक लंबे समय से ऐसी दवा बनाने की कोशिश में हैं, जो न्यूनतम साइड इफेक्ट के साथ दर्द दूर कर सके।

प्रोफेसर केन सू ने बताया कि शरीर में पाए जाने वाले एंजाइम डाइसिलग्लिसरोल लिपेस-बीटा (डीएजीएल-बी) को टार्गेट बनाते हुए ऐसी दवा विकसित की जा सकती है। इस एंजाइम को ब्लॉक करने से दर्द से निजात पाई जा सकती है। साथ ही इसे ब्लॉक करने वाली दवाएं अधिक सुरक्षित भी रहेंगी।