लंदन। ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा मे अपने ब्रेक्जिट प्लान पर संसद में विद्रोहियों को पराजित करने में कामयाब हुई हैं। यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के बाहर आने की योजना पर संसद में मंगलवार को हुए मतदान में उन्हें सफलता मिली है। ईयू संबंध विच्छेद बिल में ब्रुसेल्स के साथ अंतिम समझौते पर मतदान में विजयी रहने के बाद प्रधानमंत्री की योजना अभी भी अपनी जगह कायम है। ब्रिटेन की प्रधानमंत्री 40 साल से ज्यादा पुरानी सदस्यता को समाप्त करने में जुटी है।

बदलाव पर चर्चा करने की टेरीजा की स्वीकृति का अर्थ यह है कि यदि वह ब्रेक्जिट सौदा हासिल करने में विफल रहती हैं तो सांसदों के पास ज्यादा शक्ति होगी। ईयू संबंध विच्छेद बिल पर दो दिनों तक चली चर्चा में सरकार को मिली जीत पहली बड़ी विजय है। संसद के ऊपरी सदन हाउस ऑफ लार्ड ने 15 बदलाव किए हैं।

संसद की भूमिका सीमित करने पर कानून मंत्री का इस्तीफा

संसद में ब्रेक्जिट पर मतदान से पहले ही ब्रिटेन के कानून मंत्री फिलिप ली ने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने ब्रेक्जिट समझौते में संसद की भूमिका को सीमित करने के सरकार के इरादे को लेकर अपना इस्तीफा सौंपा है। कानून मंत्री का कहना है कि सरकार की ब्रेक्जिट नीति नागरिकों के हित में नहीं हैं।