मल्टीमीडिया डेस्क। कहते हैं कि ताकत शरीर के आकार में नहीं होती है। यह साबित किया है एक कनखजूरे ने, जिसने अपने से 15 गुना बड़े चूहे को मारकर खा लिया। यह देखकर वैज्ञानिक भी हैरान हो गए हैं।

चीन के जूलॉजी इंस्टीट्यूट ने अपने अध्ययन में कनखजूरे को खतरनाक जीव माना है। इस दौरान उन्होंने देखा कि कनखजूरे ने अपने विषैले 40 पैरों से चूहे के शरीर में रक्त संचार को रोक दिया और महज 30 सेकेंड में चूहे की मौत हो गई।

कुनमिंग इस्टीट्यूट के डॉ. ली लियू के मुताबिक कनखजूरे के शरीर में यह जहर हृदय, श्वसन, पेशी और तंत्रिका-तंत्र पर हमला करने के लिए विकसित हुआ है। हालांकि, वह इंसानों के लिए इतना खतरनाक नहीं होता है। यह इंसानों को देखकर अंधेरी जगह में छुपाने की कोशिश करता है। मगर, फिर भी चीन के हवाई क्षेत्र में साल 2007 और 2011 के बीच कनखजूरे के हमले में 10 लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई है।

अध्ययन में पाया गया कि कनखजूरे ने चूहे के दिल और दिमाग तक जाने वाली नसों पर हमला किया और रक्त संचार को रोक दिया, जिससे चूहे की मौत हो गई। अध्ययन के दौरान बनाया गया वीडियो देखकर आप हैरान हो जाएंगे क्योंकि यह चूहा उस कनखजूरे से 15 गुना अधिक बड़ा था।

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यह फुटेज चीन के कुनमिंग इंस्टीट्यूट ऑफ जूलॉजी रिसर्च सेंटर ने जारी की है। इस रिसर्च से कनखजूरे के जहर की क्षमता के बारे में पता लगाने की कोशिश की जा रही थी। अध्ययन यह पता करने के लिए किया जा रहा है कि यह खतरनाक जीव अपने शिकार के दिल, सांस की नली और बाकी नसों पर कैसे हमला करता है।

इस स्टडी में वैज्ञानिकों को एक ऐसा पदार्थ मिला, जिसे उन्होंने ‘एसएसएम स्पूकी टॉक्सीन’ नाम दिया। यह गोल्डन हेड सेंटीपीड यानी कनखजूरे ने बनाया था। इस जीव को चाइनीज रेड हेड सेंटीपीड के रूप में भी जाना जाता है।

वैज्ञानिकों ने देखा कि तीन ग्राम के कानखजूरे ने 45 ग्राम के चूहे के दिल और दिमाग तक खून पहुंचाने वाली नलियों पर अपने जहर से हमला किया। उसके जहर से चूहे का रक्त संचार रुक गया और दिमाग ने काम करना बंद कर दिया।

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