लंदन। बिजनेस फोरम के साथ राष्ट्रमंडल सम्मेलन की औपचारिक तौर पर शुरुआत हो गई। ब्रिटिश पीएम टेरीजा मे ने इसका शुभारंभ करने के बाद उम्मीद जताई कि 2020 तक राष्ट्रमंडल देशों का कारोबार 700 अरब डॉलर कारोबार हो जाएगा।

गिल्ड हाल में टेरीजा ने कहा कि हालांकि चुनौतियां बहुत ज्यादा हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था जिस तरह से डांवाडोल है, उसमें लक्ष्य को पाना दुरुह होगा, लेकिन फिर भी उम्मीद है कि सभी देश आपस में सहयोग करते हुए लक्ष्य को हासिल करेंगे। गौरतलब है कि राष्ट्रमंडल देशों से भारत का सालाना कारोबार लगभग 20 फीसद है।

बिजनेस फोरम में भारत का प्रतिनिधित्व सीआइआइ का 40 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल कर रहा है। इसकी आगुआई भारती ग्रुप के उप प्रमुख सुनील मित्तल कर रहे हैं। वह सीआइआइ के भी अध्यक्ष हैं। भारत के कारोबारियों के लिए यह सुनहरे अवसर की तरह से हैं, क्योंकि नई तकनीक से रूबरू होने के साथ उन्हें दूसरे देशों के घरेलू उद्यमों को समझने का मौका भी मिल सकेगा। यही वजह है कि सीआइआइ ने अभी तक का सबसे बड़ा प्रतिनिधि मंडल बिजनेस फोरम में भेजा है।

संस्था के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी का कहना है कि नए युग में क्या चीजें सभी देशों के बीच कारोबारी स्तर पर एक सी रहने वाली हैं, बिजनेस फोरम से उन सभी का पता बेहतर तरीके से चलेगा। सम्मेलन से भारत का फिर से जुड़ाव रणनीतिक मामले में एक बदलाव है। खास बात यह भी है कि पीएम नरेंद्र मोदी खुद इसमें भागीदारी कर रहे हैं।

सिटी ऑफ लंदन के लार्ड मेयर चार्ल्स बोमेन का कहना है कि सदस्य देशों के बीच कारोबार की दर 19 फीसद कम है, लेकिन इसका लाभ कुछ सदस्य देश ही उठा रहे हैं। इसका फायदा सभी को मिले, इस पर सम्मेलन में मंथन किया जा रहा है। उधर, सम्मेलन की अध्यक्ष कर रहे ब्रिटेन ने कॉमनवेल्थ स्टेंडर्ड नेटवर्क, ट्रेड फेसिलेशन व शी-ट्रेड प्रोग्राम का खर्च खुद उठाने का एलान किया।

इंडेक्स में भारत 10वां-

राष्ट्रमंडल देशों के इंडेक्स में भारत को 10वां स्थान मिला है। इसमें कुल 53 सदस्य हैं। इसमें ब्रिटेन, सिंगापुर व कनाडा सबसे ऊपर काबिज हैं।