काबुल। अफगानिस्तान के चुनाव शिकायत आयोग ने धोखाधड़ी और कुप्रबंधन का हवाला देकर गत अक्टूबर में राजधानी काबुल में हुए संसदीय चुनाव को अमान्य ठहरा दिया है। शिकायत आयोग के इस निर्णय को चुनाव आयोग को भी बरकरार रखना होगा।

मतदाता सूचियों में फर्जीवाड़े और वोटर की पहचान सुनिश्चित करने वाली बायोमीट्रिक मशीनों में तकनीकी खामियों को लेकर चुनाव आयोग पहले ही आलोचनाएं झेल रहा है। चुनाव शिकायत आयोग के प्रवक्ता अली रजा रूहानी ने गुरुवार को यहां कहा, 'संसदीय चुनाव के दौरान राजधानी काबुल में मतदान में पारदर्शिता और निष्पक्षता की कमी थी।'

काबुल में दस लाख लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। यह देशभर में पड़े करीब 40 लाख वोटों का 25 फीसद है। काबुल के चुनाव को रद करने की आयोग की सिफारिश से अगले साल 20 अप्रैल को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है।

चुनाव आयोग पहले ही कह चुका है कि वह राष्ट्रपति चुनाव जुलाई तक टालने पर विचार कर रहा है। राष्ट्रपति चुनाव में देरी से तालिबान के साथ शांति वार्ता भी प्रभावित हो सकती है।