कोपेनहेगन। हृदय संबंधी रोग के साथ जन्म लेने वाले शिशुओं को आगे चलकर जीवन में कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। नए शोध का दावा है कि ऐसे बच्चों में बड़े होने पर डिमेंशिया का सबसे ज्यादा खतरा हो सकता है। डिमेंशिया मानसिक बीमारी है। इसमें व्यक्ति की याददाश्त कमजोर हो जाती है। ऐसे व्यक्ति को दूसरों से मिलने और बात करने में भी परेशानी होती है।

डेनमार्क की आरहूस यूनिवर्सिटी अस्पताल के शोधकर्ताओं के अनुसार, ऐसे बच्चों में डिमेंशिया का खतरा सबसे ज्यादा हो सकता है जो हृदय संबंधी किसी विकृति के साथ पैदा होते हैं। इनमें सामान्य लोगों की तुलना में डिमेंशिया होने की आशंका 160 फीसद ज्यादा पाई गई है। इन बच्चों में बड़े होने पर हृदय संबंधी दूसरे रोग और डायबिटीज का भी जोखिम होता है। यह निष्कर्ष जन्मजात हृदय रोगों से पीड़ित 10,632 लोगों पर किए गए अध्ययन के आधार पर निकाला गया है।