कैलिफोर्निया। वैज्ञानिकों ने ऐसी आनुवांशिक विधि को विकसित किया है जिससे पुरुषों में होने वाले प्रोस्टेट कैंसर का पता लग सकता है। प्रोस्टेट मूत्राशय के नीचे स्थित पुरुषों के जननांग का महत्वपूर्ण अंग है। इसमें विकसित होने वाले कैंसर का पता लगाना अत्यंत मुश्किल होता है। इस बीमारी के शुरुआती चरण में कोई लक्षण नहीं दिखाई देते हैं।

यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया ने पॉलीजेनिक हैजार्ड स्कोर विधि को विकसित किया है। इससे पता लग सकता है कि किस व्यक्ति को कितनी उम्र में प्रोस्टेट कैंसर का खतरा हो सकता है। इसमें व्यक्ति के जीनोम में मौजूद आनुवांशिक गड़बड़ियों का पता लगाकर प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित होने की सही उम्र बताई जा सकेगी।

इससे पहले प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजेन टेस्ट से इस कैंसर का पता लग सकता था जो कई बार गलत भी होता था। शोधकर्ता प्रो. चुन चियेह फैन ने बताया कि पॉलीजेनिक हैजार्ड स्कोर विधि से अल्जाइमर समेत कई अन्य उम्र संबंधी बीमारियों के खतरे का भी सटीक अनुमान लगाया जा सकता है। इस शोध के लिए वैज्ञानिकों ने 31,747 पुरुषों के जीनोम का अध्ययन किया था।