आंखों में हो रहे भयानक दर्द का इलाज कराने एक महिला डॉक्टर के पास पहुंची। जांच के दौरान जब डॉक्टर्स ने महिला की आंख में देखा तो वे भी दंग रह गए। दरअसल, महिला की आंख में चार जिंदा मधुमक्खियां थी, जो धीरे-धीरे उसकी आंखों को नुकसान पहुंचा रही थी। हैरान कर देने वाला यह मामला ताइवान की फूयिन यूनिवर्सिटी अस्पताल का बताया जा रहा है। अस्पताल के हेड डॉक्टर हुंग ची टिंग ने बताया कि, उनकी टीम महिला की आंख से चारों मधुमक्खियों को निकालने में सफल रही। महिला की देखने के क्षमता को 80 प्रतिशत तक बचा लिया गया है।

आंसू पीकर जिंदा थी मधुमक्खियां

इस पूरे मामले पर डॉक्टर्स का कहना है कि यह अपनी तरह का पहला मामला है, जिसमें चार जिंदा मधुमक्खियां किसी की आंख के अंदर इस तरह मिली हो। जानकारी के अनुसार, पीड़िता आंख पर सूजन आने और जलन की वजह से अस्पताल पहुंची थी। अस्पताल में डॉक्टर ने चेकअप में पाया कि उसकी आंख के अंदर चार मधुमक्खियां हैं। हैरानी की बात यह थी कि सभी मधुमक्खियां आंसू पीकर जिंदा थी।

डॉक्टर्स ने कहा-जहरली होती है स्वेट बीज

खबरों के मुताबिक, महिला की आंख में मधुमक्खियां तब पहुंचीं जब वो फसल काट रही थी। पहले तो महिला को लगा की आंख में कचरा गया होगा। जलन होने पर महिला ने तत्काल आंखों को धोया। अगले दिन महिला की आंखों की सूजन आ गई, जो लगातार बढ़ती ही जा रही थी, जिसके बाद वह अस्पताल पहुंची थी। डाक्टरों का कहना है कि इन छोटी मधुमक्खियों को स्वेट बीज कहा जाता है। ये मधुमक्खियां इंसान के पसीने से आकर्षित होती हैं और पहाड़ों और मिट्टी में पाई जाती हैं। डॉक्टरों के अनुसार ये मधुमक्खी अन्य मधुमक्खियों की तुलना में स्वेट बीज अधिक जहरीली होती हैं।


इसलिए बची आंखों की रोशनी

नेत्र विशेषज्ञ और अस्पताल के हेड डॉ. हुंग ची टिंग ने बताया कि मुझे आंख के अंदर देखने पर कुछ कीड़े जैसी चीज दिखाई दी थी। मैंने फौरन इलाज शुरू किया और सावधानी से माइक्रोस्कोप की मदद से चारों मधुमक्खियों का बाहर निकाल दिया। डॉक्टर्स की तत्परता और समय पर इलाज मिलने की वजह से महिला की देखने की क्षमता को 80 फीसदी तक बचा लिया गया है। इलाज के बाद महिला को पांच दिन तक अस्पताल में भर्ती रखा गया। डॉक्टरों ने बताया कि, महिला की आंखों की रोशनी को इसलिए बचाया जा सका क्योंकि उन्होंने अपनी आंख को मसला नहीं था। आमतौर पर लोग कोई भी परेशानी होने पर आंख को मसल लेते हैं, जो कि गलत है। इस तरह से आंखों को मसलने रोशनी जाने का डर बना रहता है।