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    कैंसर से हारने के पहले चार साल की बेटी को ऐसे तैयार कर गई यह मां

    Published: Wed, 06 Dec 2017 04:34 PM (IST) | Updated: Wed, 06 Dec 2017 04:44 PM (IST)
    By: Editorial Team
    hana chan 06 12 2017

    टोक्यो। हाना चान की उम्र महज चार साल थी। मगर वह अपने घर के सारे काम कर लेती थी। वह कपड़े सुखाने से लेकर बिस्तर हटाने और खाने बनाने तक के सारे काम सीख रही थी। चौथे जन्मदिन के बाद उसकी मां ने उसे चाकू पकड़ना और खाना पकाना सिखाया ताकि वह भूखे नहीं रहे।

    दरअसल, उसकी मां को कैंसर था और जल्द ही वह इस दुनिया को छोड़कर जाने वाली थी। मगर, इससे पहले वह हाना को अपने बाद जीने के लिए तैयार कर रही थी। जब हाना नर्सरी में थी, तभी वह घर के वे सारे काम करने लगी थी, जो आमतौर पर वयस्क करते हैं।

    हाना पढ़ाई में तो अव्वल थी ही, वह अपनी बीमार मां और पिता की देखभाल भी कर रही थी। हाना के परिवार की यह कहानी साल 2001 में शुरू हुई। उसकी मां ची ब्रेस्ट कैंसर सर्वाइवर थी और उसने हाना के पिता शिंगो यायुटेक से उसी साल शादी की थी।

    पहले ची को लगता था कि वह गर्भवती नहीं हो सकेंगी, लेकिन चमत्कारी रूप से वह मां बन गईं। अपने खाली समय में ची ब्लॉग में अपने परिवार के बारे में विचार और भावनाएं लिखती थीं।

    ची की जिंदगी में सब कुछ बहुत अच्छी तरह से चल रहा था, लेकिन एक दिन ची फिर से बीमार पड़ गई। यह पता चला कि कैंसर ने फिर से उन्हें अपनी चपेट में ले लिया है।

    हाना उस वक्त नौ महीने की थी। ची जानती हैं कि वह पहली बार की तरह शायद इस बार भाग्यशाली नहीं होंगी। इसलिए उन्होंने हाना को अपनी मौत के बाद की स्थितियों से निपटने के लिए पहले से तैयार करना शुरू कर दिया। ची ने अपने ब्लॉग में लिखा कि चाहे मुझे कैंसर होता है या नहीं, मैं पहले ही मरूंगी। मगर, इससे पहले मैं हाना को अपने पैरों पर खड़ा करना चाहती हूं, ताकि मुझे मरने से पहले कोई पछतावा नहीं हो।

    मैं सिर्फ उसकी मदद करना चाहता हूं, ताकि जब मैं न रहूं, तो वह अपना ख्याल खुद रख सके। हाना को मेरे बाद जीवित रहने के लिए सभी आवश्यक कौशल अभी से सीखाने होंगे। मैंने उसे सिखाया कि उसे खाना कैसे पकाना है, घर का काम कैसे करना है। कुल मिलाकर, मैंने उसे वास्तव में जिम्मेदार बनाने की कोशिश की है, ताकि मेरे बाद वह किसी पर निर्भर न रहे।

    दुर्भाग्य से ची का स्वास्थ्य काफी खराब हो गया। हाना के चौथे जन्मदिन के बाद ची का कैंसर यकृत और फेफड़े सहित कई अंगों में फैल चुका था। इससे उसे असहनीय दर्द हो गया और साल 2008 में ची ने कहा कि वह अपनी बेटी और पति को अंतिम विदाई दे रही है।

    हाना के जीवन में जो कुछ भी हुआ, उसे भूलना असंभव होगा। मगर, ची के गुजर जाने के कुछ साल बाद, हाना ने "मामा" नाम से अपनी मां को एक पत्र लिखा। इसमें उसने कहा कि मैं आपको कुछ कहना चाहती हूं। मैं अब पूरी तरह से बेंतो बना सकती हूं, क्या आप आश्चर्यचकित नहीं हैं? मैं अब और नहीं रोती हूं मैं अपना श्रेष्ठ कर रही हूं।

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