लंदन। ब्रिटेन के चिड़ियाघर में एक बाघ और बाघिन की मुलाकात कराने का फैसला भारी पड़ गया। बाघ ने पहली ही मुलाकात में बाघिन पर हमला कर उसे मार डाला। चिड़ियाघर के अधिकारी बाघ के इस व्यवहार से अचंभित हैं। मामला जेडएसएल लंदन जू का है। यहां संकटग्रस्त सुमात्रन प्रजाति का बाघ आसिम और बाघिन मेलाती रह रहे थे। इस प्रजाति के बाघ केवल इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप पर पाए जाते हैं।

दुनियाभर में इनकी संख्या 400 से भी कम रह गई है। अधिकारियों ने प्रजनन को प्रोत्साहित करने के लिए दोनों को साथ लाने का फैसला किया था। इसके लिए 10 दिन से तैयारी की जा रही थी। दोनों के पिंजरों को आस-पास रखा गया था, ताकि वे एक-दूसरे की गंध को पहचान सकें। हालांकि, इन सभी तैयारियों का कोई लाभ नहीं हुआ। शुक्रवार को जैसे ही दोनों को साथ लाया गया, बाघ आक्रामक हो उठा। उसने बाघिन पर हमला कर दिया।

इससे पहले कि चिड़ियाघर के अधिकारी और कर्मचारी दोनों को अलग करते, बाघिन बुरी तरह घायल हो चुकी थी। बाघ की गिरफ्त से छुड़ाने के बाद अधिकारियों ने बाघिन को मृत घोषित कर दिया। मेलाती की उम्र 10 साल थी और वह लंबे समय से इसी चिड़ियाघर में रह रही थी। वहीं, सात साल के आसिम को 29 जनवरी को डेनमार्क की री पार्क सफारी से यहां लाया गया था।

अचंभित हैं अधिकारी

बाघ आसिम के व्यवहार से चिड़ियाघर के अधिकारी अचंभित हैं। उनका कहना है कि आसिम का व्यवहार अब तक बहुत सही पाया गया है। बाघिनों के प्रति भी उसका व्यवहार अच्छा रहा है। इसी कारण से उसे मेलाती के लिए उपयुक्त माना गया था। "आसिम" अरबी शब्द है, जिसका अर्थ होता है "रक्षक"।

सबसे पुराना है यह चिड़ियाघर

लंदन के रीजेंट्स पार्क में स्थित इस चिड़ियाघर में 20,000 से ज्यादा जानवर रहते हैं। इसकी स्थापना वर्ष 1800 के करीब हुई थी। अधिकारी इसे दुनिया का सबसे पुराना वैज्ञानिक चिड़ियाघर मानते हैं। यहां सालाना 10 लाख से ज्यादा लोग आते हैं। साल 2017 में यहां एनिमल एडवेंचर सेक्शन में आग लग गई थी, जिसमें बड़ा नुकसान हुआ था।