पेरिस। जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर को फ्रांस सरकार ने बड़ा झटका दिया है। सरकार ने फ्रांस में मौजूद मसूद अजहर की संपत्ति को जब्त कर लिया है। पुलवामा हमले के आरोपी जैश के मुखिया मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका ने प्रस्ताव पेश किया था।

मगर, चीन ने अड़ंगा लगाकर मसूद को एक बार फिर बचा लिया। बताते चलें कि 10 साल में यह चौथी बार था, जब चीन की वजह से मसूद अजहर वैश्विक आतंकी घोषित होने से बच गया। इससे नाराज संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने चेतावनी दी कि यदि चीन अपनी इस नीति पर अड़ा रहा, तो जिम्मेदार सदस्य परिषद में 'अन्य कदम' उठाने पर मजबूर हो सकते हैं।

सुरक्षा परिषद के एक दूत ने चीन को असामान्य कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि चीन इस कार्य में बाधा पैदा करना जारी रखता है, तो जिम्मेदार सदस्य देश सुरक्षा परिषद में अन्य कदम उठाने पर मजबूर हो सकते हैं। ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए।

दूत ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर यह कहा। सुरक्षा परिषद में एक अन्य दूत ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा, ''चीन ने चौथी बार सूची में अजहर को शामिल किए जाने के कदम को बाधित किया है।'' चीन को समिति को अपना वह काम करने से रोकना नहीं चाहिए, जो सुरक्षा परिषद ने उसे सौंपा है।

बताते चलें कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ‘‘1267 अल कायदा सैंक्शन्स कमेटी'' के तहत अजहर को आतंकवादी घोषित करने का प्रस्ताव 27 फरवरी को फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका ने पेश किया था। मगर, ऐन मौके पर चीन ने इस पर अडंगा लगा दिया था। पुलवामा हमले के बाद पूरी दुनिया भारत के साथ खड़ी हो गई है और पाकिस्तान पर आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव है।

14 फरवरी को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले में हुए आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने लिया था। हमले का बदला लेने के लिए भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर जैश के ठिकानों को तबाह कर दिया था, जिसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव पैदा हो गया था।