वाशिंगटन। गुरुत्वाकर्षण तरंगों पर अनुसंधान के लिए लीगो-भारत वेधशाला 2023 में काम करना शुरू कर देगी। भारत सरकार की ओर से परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद अमेरिकी वैज्ञानिक फ्रेड राब ने यह उम्मीद जताई है।

लीगो हैनफोर्ड वेधशाला के प्रमुख राब ने कहा कि भारत में इस वेधशाला के निर्माण के लिए वैज्ञानिक कई बार भारत आ चुके हैं। सरकार की ओर से मंजूरी मिलना इस दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव है। 2023 के अंत वेधशाला के शुरू होने की उम्मीद है।

उल्लेखनीय है कि हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुत्वाकर्षण तरंगों पर शोध के लिए लीगो-भारत प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत अमेरिकी मदद से भारत में गुरुत्वाकर्षण तरंग वेधशाला स्थापित होगी।

यह मंजूरी ऐसे समयं दी गई है, जब कुछ दिन पहले ही गुरुत्वाकर्षण तरंगों की ऐतिहासिक खोज की गई है। आइंस्टीन ने दशकों पहले ही इसका अनुमान व्यक्त किया था। इस खोज से ब्रह्मांड के गूढ़ रहस्यों को सुलझाने की नई खिड़की खुली है।