रियाद। इस्लाम के सबसे पवित्र स्थल में मानी जाने वाली सऊदी अरब के मक्का की ग्रैंड मस्जिद में टिड्डों ने हमला कर दिया है। स्थानीय अधिकारी गंदगी को साफ करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल हो रही हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में ग्रैंड मस्जिद में नमाज पढ़ने वालों पर टिड्डे बड़ी संख्या में आकर चिपकने लगे।

इसके साथ ही ज्यादा रोशनी की जगहों और संगमरमर की फर्श पर वे भारी संख्या में मंडराते दिख रहे हैं। शहर के अधिकारी उनको हटाने के लिए कई कोशिशें कर रहे हैं। मक्का नगर पालिका ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा कि उसने 22 टीमों को कीटों का मुकाबला करने के लिए लगाया है। टीम में शामिल 138 व्यक्ति 111 उपकरणों के साथ पवित्र मस्जिद की सफाई करने में लगे हैं।

टीमों ने विशेष रूप से साफ जगहों, पानी की नालियों सहित टिड्डों के प्रजनन स्थलों को टार्गेट किया है। नगरपालिका ने कहा कि वह मेहमानों की सुरक्षा के लिए इन कीड़ों को खत्म करने के लिए उपलब्ध सभी प्रयासों, क्षमताओं और संभावनाओं का उपयोग कर रहा है। किंग सऊद यूनिवर्सिटी में फैकल्टी ऑफ फूड एंड एग्रीकल्चर साइंस के प्रमुख हजल बिन मोहम्मद अल-जफर ने बताया कि इन टिड्डों से मनुष्यों को कोई बीमारी नहीं होती है और न ही वे इंसानों को काटते हैं या डंक मारते हैं।

जफर ने बताया कि स्थानीय लोगों को कीड़े वाले खाने को खाने या बेचने से बचना चाहिए। टिड्डों के झुंड का वहां आना एक प्राकृतिक घटना थी, जो हाल ही में हुई बारिश की वजह से हुई है। उन्होंने अनुमान लगाया कि लगभग 30,000 टिड्डे मक्का में हैं। हालांकि, सोशल मीडिया यूजर्स ने लिखा है कि इस तरह की घटना के धार्मिक अर्थ हैं। टिड्डों को सभी अब्राहमिक परंपरा में दैवीय सजा का एक रूप बताया गया है, जिसमें यहूदी धर्म, ईसाई धर्म और इस्लाम शामिल हैं।