हांगकांग। हांगकांग में विरोध-प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हांगकांग को आजाद कराने और संविधान बचाने की गुहार लगाई है। प्रस्तावित प्रत्यर्पण कानून का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने लगातार दूसरे दिन चीन की सीमा से सटे शहर शा टिन में बड़ी रैली निकाली। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। रैली में अमेरिका और ब्रिटेन के झंडे भी लहराए गए।

साल 1997 में ब्रिटेन ने चीन को हांगकांग इसी शर्त पर सौंपा था कि 'एक देश, दो प्रणाली' के तहत इस क्षेत्र की स्वायत्तता बरकरार रहेगी। प्रदर्शनकारी प्रस्तावित प्रत्यर्पण कानून को हांगकांग की स्वायत्तता पर खतरा मान रहे हैं। इस कानून में संदिग्धों और आरोपितों को मुकदमे के लिए चीन में प्रत्यर्पित करने का प्रावधान है। जून के मध्य में लाखों लोग इस कानून के विरोध में सड़कों पर उतर आए थे। इसके दबाव में हांगकांग की नेता कैरी लाम ने संबंधित बिल निलंबित कर दिया था। इसके बावजूद विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है।

प्रदर्शनकारी बिल को वापस लेने और लाम के इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे। हाल में लाम ने कानून को निरस्त बता दिया था। लेकिन प्रदर्शनकारी लाम को झूठा बताते हुए कानून को आधिकारिक तौर पर वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

पत्रकारों ने भी किया विरोध प्रदर्शन रविवार को एक हजार से ज्यादा पत्रकारों और उनके समर्थकों ने पुलिस के खिलाफ शांतिपूर्ण रैली निकाली। इस दौरान उन्होंने प्रत्यर्पण कानून के विरोध में चल रहे प्रदर्शनों को कवर करने वाले पत्रकारों पर पुलिस की हिंसात्मक कार्रवाई रोकने की मांग की।