स्टॉकहोम। वैज्ञानिकों ने शरीर में मौजूद एक अलार्म सिस्टम का पता लगाया है। यह शरीर पर किसी बीमारी का हमला होने पर तुरंत शरीर के प्रतिरोधी तंत्र को सक्रिय कर देता है ताकि शरीर का बचाव हो सके। श्वेत रक्त कोशिकाओं में माइटोकांड्रिया डीएनए फाइबर मौजूद होता है। इसे एमटीडीएनए कहा जाता है। यह कोशिकाओं के लिए जरूरी ऊर्जा को पैदा करता है। यह फाइबर जालनुमा संरचना का निर्माण कर प्रतिरोधी तंत्र को बीमारी फैलाने वाले सूक्ष्मजीवों के हमले से बचने के लिए आगाह करता है।

माइटोकांड्रिया से खतरे की सूचना मिलने पर अन्य श्वेत रक्त कोशिकाएं इंटरफेरोन टाइप-1 नामक तत्व स्त्रावित करती हैं जो संक्रमण से लड़कर शरीर को बीमारी से सुरक्षित करते हैं। स्वीडन की लिंकोपिंग यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने बताया कि अलार्म सिस्टम की खोज के बाद एमटीडीएनए के स्त्राव को नियंत्रित करने की कोशिश होगी। इससेइसके अत्यधिक स्त्राव होने से कोशिकाओं में होने वाले सूजन को कम किया जा सकेगा।