दुबई। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने रविवार को दुनियाभर की सरकारों को सावधान करते हुए आर्थिक वृद्धि उम्मीद से कम रहने पर उठने वाले बंवडर का सामना करने के लिए तैयार रहने को कहा है। आईएमएफ की एमडी क्रिस्टीन लेगार्ड ने दुबई में एक शिखर सम्मेलन में कहा, "हम एक ऐसी अर्थव्यवस्था देख रहे हैं, जो अनुमान से भी कम रफ्तार से वृद्धि कर रही है।"

आईएमएफ ने पिछले महीने ही इस साल की वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर का पूर्वानुमान 3.7 फीसद से घटाकर 3.5 फीसद कर दिया था। लेगार्ड ने उन कारकों को ग्लोबल अर्थव्यवस्था के सुस्त पड़ने की वजह बताया, जिन्हें वह अर्थव्यवस्था के ऊपर मंडराने वाले "चार बादल" बताती रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि तूफान कभी भी उठ सकता है।

कई वजहें हैं जिम्मेदार

लेगार्ड ने कहा कि इन जोखिमों में व्यापारिक तनाव और शुल्क बढ़ना, राजकोषीय स्थिति में सख्ती, ब्रेक्जिट को लेकर असमंजस और चीन की अर्थव्यवस्था की सुस्ती का लगातार बढ़ना शामिल हैं। उन्होंने कहा कि विश्व की दो शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं अमेरिका और चीन के बीच जारी ट्रेड वॉर का दुनियाभर में असर दिखने लगा है।

संरक्षणवाद से बचें देश

लेगार्ड ने सरकारों को संरक्षणवाद से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा, "हमें इस बारे में कोई अंदाजा नहीं है कि यह किस तरह खत्म होने वाला है और क्या यह व्यापार, भरोसा और बाजार पर असर दिखाने की शुरुआत कर चुका है।" लगार्ड ने कर्ज की बढ़ती लागत को भी जोखिम बताया। उन्होंने कहा, "जब इतने सारे बादल छाए हों, तो अंधड़ शुरू होने के लिए बिजली की एक चमक ही काफी है।"