वाशिंगटन। अमेरिका के आयोवा प्रांत में भारतवंशी आईटी पेशेवर चंद्रशेखर सुनकारा के परिवार की मौत का मामला पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। पुलिस का कहना है कि 44 साल के चंद्रशेखर ने पत्नी लावण्या और बेटे प्रभाष (14) व सुहास (11) को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। आंध्र प्रदेश के रहने वाले चंद्रशेखर परिवार सहित डेस मोइनेस स्थित अपने घर में शनिवार सुबह रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाए गए थे। सभी मृतकों के शरीर पर गोली लगने के निशान थे।

फोरेंसिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस इस नतीजे पर पहुंची कि चंद्रशेखर ने आत्महत्या की थी। जबकि उनकी पत्नी और दोनों बच्चों की गोली मारकर हत्या की गई थी। पुलिस ने सोमवार को एक कहा कि लावण्या और दो बच्चों की जिस तरह मौत हुई, वह हत्या है। जबकि चंद्रशेखर की मौत का तरीका आत्महत्या का है। पुलिस मामले की अभी जांच कर रही हैं। आयोवा सार्वजनिक सुरक्षा विभाग (डीपीएस) ने बताया है कि चंद्रशेखर टेक्नोलाजी सर्विस ब्यूरो में बतौर आइटी पेशेवर काम कर रहे थे और पिछले साल उनकी आय एक लाख पांच हजार डॉलर (करीब 73 लाख रुपये) थी।

चंद्रशेखर ने खरीदी थी बंदूक

डलास काउंटी के शेरिफ चाड लियोनार्ड के मुताबिक, चंद्रशेखर को इसी साल अप्रैल में हथियार रखने का परमिट मिला था और इसके बाद उन्होंने एक हथियार खरीदा था।